अजब-गजब

बेइज्जती का बदला लेने के लिए इस शख्स ने बना दी थी ये सुपर कार

दुनिया में बेहतरीन लग्जरी और स्पोर्ट्स कार बनाने वाली कंपनी लैंबॉर्गिनी के बारे में तो सभी जानते होंगे। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि आखिर इस कार की शुरुआत कैसी हुई थी? क्यों हुई थी और किसने इस सुपरकार को बनाया था…लैंबॉर्गिनी दुनिया की सबसे ज्यादा पावरफुल और स्टाइलिश कार है। आइए जानते हैं कैसे इस कार शुरुआत हुई और कैसे बहुत कम समय में इस कार ने खुद दुनिया में खास बनाया। फेरुचियो लैंबॉर्गिनी लैंबॉर्गिनी बनाने वाले फेरुचियो लैंबॉर्गिनी का जन्म 28 अप्रैल, 1916 को इटली में हुआ था। फेरुचियो को बचपन से ही मशीनों को ठीक करना और उनके साथ नए-नए प्रयोग करना पसंद था। फेरुचियो इस ध्यान को देखते हुएएक टेक्निकल इंस्टीट्यूट में पढ़ने के लिए चले गए। पढ़ाई पूरी होने के बाद उनकी नौकरी Italian Royal Air Force में लग गई। दूसरे विश्वयुद्ध के बाद उन्होंने एयरफोर्स की नौकरी छोड़कर ट्रैक्टर बनाने की एक छोटी सी कं...

1 हजार बार ‘ना’ सुनने के बाद भी 62 वर्ष की उम्र में इस शख्स ने खड़ा किया अरबों का बिजनेस

दुनिया में जो लोग कुछ करने की क्षमता रखते हैं, वो लोग कभी हार नहीं मानते हैं और एक न एक दिन कामयाब होकर ही रहते हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स के बारे में बता रहे हैं, जिनकी कहानी जानकर आपको दुख होगा और बहुत ज्यादा प्रेरणा भी मिलेगी। आपने केएफसी के बारे में सुना होगा, अगर चिकन के शौकीन हैं तो उसके रेस्टोरेंट्स में जाकर खाना भी खाया होगा। अगर आप उसके बारे में नहीं भी जानते हैं तो हम आपको केएफसी के संस्थापक कर्नल हारलैंड सांडर्स के बारे में बता रहे हैं… कर्नल हारलैंड सांडर्स की कहानी हर किसी को प्रेरणा देती है कि कभी भी हार नहीं माननी चाहिए और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बस चलते रहना चाहिए। आप भी कर्नल हारलैंड की कहानी जानकर उनकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे। केएफसी यानी फिंगर लिकिन गुड केंटकी फ्राइड चिकन के नाम से मशहूर रेस्टोरेंट पूरी दुनिया में देखे जा सकते हैं। इस ब्रांड का लोगो ...

इस डाकू का इतना था खौफ कि सीएम से पीएम तक थे परेशान

भारत में एक समय था जब खतरनाक डाकुओं का खौफ हुआ करता था। भारत में बहुत से खतरनाक डाकू पैदा हुए हैं, जिन्होंने अपने आतंक से लोगों के दिलोदिमाग पर गहरी छाप छोड़ी है। आज हम आपको एक ऐसे ही खतरनाक डाकू ‘छविराम’ के बारे में बता रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के औछा में जन्मे छविराम ने यूपी से लेकर मध्य प्रदेश और राजस्थान तक अपना खौफ फैलाया था। बात 1970-80 के दशक की है, जब छविराम उत्तर प्रदेश का एक कुख्यात डाकू हुआ करता था। आतंक के दूसरे नाम छविराम के बारे में बताते वक्त लोगों की आज भी रूह कांप जाती हैं। छविराम एक ऐसा डाकू था, जिसके किस्से लोग एक दूसरे को सुनाया करते थे। बताया जाता है कि छविराम चाहे कितना भी दुर्दांत क्यों न था, लेकिन वो और उसका गिरोह कभी भी महिलाओं पर अत्याचार नहीं करता था। छविराम लोगों को लूटने में माहिर था, वो हमेशा अपने दिमाग के बल पर लोगों के घरों में डकैती किया करता था और ...

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