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अमेरिका ने ईरान से तोड़ी परमाणु डील

अमेरिका ने ईरान से तोड़ी परमाणु डील

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते को तोड़ने का फैसला कर लिया है। ट्रंम ने मंगलवार के दिन वाइट हाउस में प्रेस कॉन्फेंस करने के बाद ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते को तोड़कर अमेरिका ने अलग होने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद ईरान ने प्रतिक्रिया दी और कहा अगर यह समझौता टूटा तो हम यूरेनियम का पहले से ज्यादा संवर्धन करेंगे। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र के अध्यक्ष एंटेनियो गुतेरस ने इस समझौते से जुड़े सभी देशों से अपील की और कहा वे सभी इस समझौते के साथ बने रहें।

मंगलवार को ट्रंम ने प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि, ‘मेरे लिए यह स्पष्ट है कि हम ईरान के परमाणु बम को नहीं रोक सकते। ईरान समझौता मूल रूप से दोषपूर्ण है। इसलिए , मैं आज ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने की घोषणा कर रहा हूं।’ जिसके बाद उन्होंने ईरान के खिलाफ हाल के प्रतिबंधों दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करके उनको आगाह किया कि, जो कोई भी ईरान की सहायता करेगा उसको भी यह प्रतिबंध झेलना होगा।

ट्रंम ने आगे कहा कि, ईराक को इन समझौते से बड़ी मात्रा में फायदा मिला है जिससे इसको परमाणु हथियार हासिल करने में भी सहायता मिली। इस फैसले के साथ ही ट्रंम ने अमेरिका के शीर्ष डेमोक्रैट नेताओं और प्रमुख यूरोपीय सहयोगियों की सलाह को भी अनदेखा कर दिया है। आपको बता दें,ओबामा के समय के परमाणु समझौते की ट्रंम ने कई बार इस समझौते को खराब बताते हुए इसकी आलोचना भी की थी। जिसके वार्ताकार तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी थे।

इसके साथ ही ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी ने कहा अगर ये ऐतिहासिक समझौता टूटा तो हमारा देश अगले वीक से ही यूरेनियम का पहले से ज्यादा संवर्धन करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि, ‘मैं ट्रंप के फैसले पर यूरोप, रूस, चीन से बात करूंगा।’

वहीं ट्रंम के द्वारा यह फैसला लेने के बाद अमेरिका के अंदर-बाहर से प्रतिक्रियाओं का आना शुरू हो गया है। ट्रंम के इस फैसला पर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए इसे गंभीर भूल बताते हुए आगाह किया है कि इस फैसले से अमेरिका की वैश्विक विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचेगा। वहीं रूस ने कहा कि ट्रंम के इस फैसले ने उनको बहुत निराश किया है।

आपको बता दें कि, जुलाई 2015 ओबामा कार्यकाल के समय अमेरिका के साथ चीन, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस, और जर्मन ने साथ मिलकर ईरान के साथ समझौता किया था।  इस समझौते में ईरान को अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को कम करने के साथ अपने परमाणु संयंत्रों को देखरेख के लिए इनको खोलना था, इसके बदले में ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में आंशिक रियायत दी गई थी। लेकिन अब डॉनल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि ईरान ने सभी से छिपकर खुद के परमाणु कार्यक्रम को चालू रखा।

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