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आखिर क्यों खाने से पहले करते है जल का छिड़काव

आखिर क्यों खाने से पहले करते है जल का छिड़काव

धर्म के समाचार

 

भारतीय परंमपराओं के अनुसार भोजन करने से पहले मंत्र का उचारण कर भोजन की थाल के आस-पास जल का छिड़काव करने का रिवाज है। जहां उत्तर भारत में इसे आचमन कहते है वही तमिलनाडू में इसे परिसेशनम के नाम से जाना जाता है। इस रिवाज के पीछे अन्न के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करना होता है। इसके साथ ही वैज्ञानिक दृष्टि कोण से भी इस रिवाज को माना जाता है।

 

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अगर आज से पुराने जमाने की बात करी जाएं तो ज्यादातर लोग जमीन पर बैठकर खाना खाते थे। उनके घर कच्चे हुआ करते थे। उसी वजह से घर का फर्श भी कच्चा ही होता था। तो घर में कीड़े मकोड़े आना आम बात थी। कई बार फर्श की धूल उड़कर भोजन में ना पड़े इसलिए लोग खाना खाते समय थाली के आस-पास पानी छिड़क देते थे। ऐसा करना हमारी सेहत के लिए भी ठीक रहता है। भोजन की थाली के चारों ओर पानी छिड़क लेने से भोजन के आस-पास कोई कीड़ा नहीं आता है। ऐसा करने से बैक्टीरिया से बचा जा सकता है। पानी आस-पास होने के कारण कोई भी कीटाणु आसानी से नहीं आ सकता है।

 

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हमारे धार्मिक और विज्ञान दोनों की लिहाज से खड़े होकर खाना खाना गलत है। ऐसा करने से भोजन भी दूषित होता है साथ ही शरीर में लीवर से संबंधित बीमारियां भी हो जाती है। ऐसा करने से भोजन का शरीर पर नकारात्मक असर ही देखने को मिलता है। खड़े होकर खाना खाने का मतलब कि आप भोजन का अपमान कर रहे हैं।

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