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इंसान और गिरगिट ही नहीं, एक नदी भी बदलती है अपना रंग

इंसान और गिरगिट ही नहीं, एक नदी भी बदलती है अपना रंग

कोलंबिया में एक ऐसी नदी है, जो जुलाई से लेकर दिसंबर के बीच धरती का स्वर्ग बन जाती है। दरअसल, कैनो क्रिस्टेल्स नाम की ये नदी इन महीनों में लाल, नीले, पीले, संतरी और हरे रंग में बहती है। अपनी इस अनोखी खूबी के कारण ये नदी दर्शकों के आकर्षण का खास केन्द्र बन जाती है। इसी अनोखी खूबी की वजह से ये नदी लिक्विड रेनबो नाम से भी जानी जाती है।

दुनिया की सबसे खूबसूरत नदी का दर्जा हासिल करने वाली कैनो क्रिस्टेल्स 100 किलोमीटर में फैली हुई। जब ये नदी रंगीन होकर बहने लगती है, तो लगता है कि ये धरती की नहीं, बल्कि जन्नत की कोई नदी है।

दरअसल, ये नदी जुलाई और नवंबर के सीजन में मॉस, एक्वेटिक और कोरल्स नाम के पौधों और चट्टानों से होकर गुजरती है। उस दौरान नदी के पानी के साथ उन चट्टानों और फूलों का विलय होता है। इसी विलय के परिणामस्वरूप नदी रंगीन होकर अपना रंग बदलने लगती है। ऐसा प्राकृतिक विलय और किसी भी नदी में नहीं होता है। इसी वजह से इस नदी को अनोखी और अद्भुत कहा जाता है।

हालांकि, पहले पर्यटकों को इस खूबसूरत नदी को देखने की इजाजत नहीं थी। साल 2000 से पहले कोलंबिया की सरकार ने इस नदी के आस-पास के क्षेत्र को रेड जोन घोषित कर रखा था। यहां पर कुछ हिंसक गुटों ने अपना कब्जा जमा लिया था। लेकिन, अब ल मैकरीना शहर को कोलंबियन मिलिट्री फोर्स ने अपने अधिकार में ले लिया है। लिहाजा, टूरिस्ट के लिए यहां आना सुरक्षित हो गया है। ये शहर भौगोलिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी शहर से होकर आप नदी को देख सकते हैं।

हालांकि, अभी दुनियाभर में कम लोकप्रिय होने की वजह से यहां विदेशी पर्यटक कम आते हैं, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए वीकेंड पिकनिक की ये पसंदीदा जगह है। उसकी वजह, इस रंग बदलती नदी के अलावा यहां के खूबसूरत प्राकृतिक नजारे हैं।

 

 

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