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इन कारणों के चलते अगर आपने छोड़ी नौकरी तो बाद में पछताएंगे

इन कारणों के चलते अगर आपने छोड़ी नौकरी तो बाद में पछताएंगे

नौकरी लगने के साथ-साथ नौकरी छोड़ना भी काफी कठिन होता है. जब बेरोजगार होते हैं तो सोचते हैं कि एक बार नौकरी लग जाए तो बस सब ठीक हो जाएगा. लेकिन हकीकत ये है कि नौकरी लगने के बाद भी आपको उस नौकरी में अच्छे से परफॉर्म करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है. नौकरी के अंदर आपके सहकर्मी हो सकता है आपके लिए मुश्किल पैदा कर रहे हों या फिर आपके खिलाफ राजनीति कर रहे हों तो इन सब से निपटने में भी आपको काफी मशक्कत करनी पड़ जाती है. नौकरी करने के बाद आपको रोज़ के खर्चे और लाइफस्टाइल भी काफी बदल जाती है. रोज के छोटे-मोटे खर्चों से लेकर मकान की र्इएमआर्इ तक ये सब आपकी नौकरी से जुड़े होते हैं. ऐसे में अगर आप कुछ कारणों के चलते नौकरी छोड़ने का फैसाल ले रहे हैं तो उससे आपकी आर्थिक स्थिती को झटका लग सकता है.

बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो अपने ऑफिस में कोई छोटी सी बात हो जाने पर नौकरी छोड़ने का मन बना लेते हैं. कुछ लोग गुस्से में और बॉस या फिर किसी अन्य सहकर्मी से कुछ बात होने पर भी नौकरी छोड़ कर बैठ जाते हैं जो कि एकदम गलत हैं. ऐसे में जोश की बजाए होश में काम लेने की जरूरत है. क्योंकि ऐसे में अगर आप जब नौकरी छोड़ते हैं तो आपको बाद में काफी पछतावा बोता है. तो इसीलिए ऑफिस में होने वाली छोटी-छोटी बातों को पहले तो नज़रअंदाज करके काम पर ध्यान दें क्योंकि आपकी काम ही बोलता है और यदि किसी कारणवश आपको अपनी नौकरी छोड़नी भी पड़ रही है तो पहले नई नौकरी तलाश लें तभी पुरानी नौकरी छोड़ें. यहां हम आपको कुछ ऐसी बाते बताने जा रहे हैं जिनके कारण आपको अपनी नौकरी छोड़ने की गलती कभी नहीं करनी चाहिए-

आपको बॉस पंसद नहीं है

कभी भी सिर्फ इसलिए नौकरी छोड़ने का फैसला नहीं कर लेना चाहिए कि आपको अपना बॉस पसंद नहीं है या आप उनकी बातों को सुनकर गुस्से को रोक नहीं पाते हैं. याद रखें अपने साथ काम करने वालों के साथ खट्टे रिश्ते नहीं बनाने चाहिए. कंपनी को भी कड़वाहट के साथ अलविदा नहीं कहना चाहिए. भविष्य में नौकरी हासिल करने में ये आपके सहायक बन सकते हैं. इनका रेफरेंस दिया जा सकता है. संबंधों में अनबन हो सकती है, लेकिन इनमें कड़वाहट नहीं घुलनी चाहिए. हो सकता है कि आज आपके संबंध अपने बॉस के साथ मधुर नहीं हैं. लेकिन, कल ये अच्छे हो सकते हैं. इसलिए धैर्य से काम लेना चाहिए.

कंपनी डूबने की कगार पर है

अक्सर कंपनी के खराब दौर में कर्मचारी उसे छोड़ने लगते हैं. इस्तीफा देने का यह सही कारण नहीं है. इस तरह की स्थिति में तभी नौकरी छोड़नी चाहिए जब आपके पास कोर्इ ठोस योजना हो या दूसरी नौकरी हो. ऐसा नहीं है तो अपनी कंपनी और टीम की मदद करें. इस तरह आप अपने साथियों के अलावा कंपनी के साथ भी गहरे संबंध बना पाते हैं.

प्रोजेक्ट फेल हो गया है

कंपनी में रहते हुए आपको कर्इ प्रोजेक्ट मिलते हैं. कुछ सफल होते हैं तो कुछ विफल भी होते हैं. किसी प्रोजेक्ट की विफलता नौकरी छोड़ने की वजह नहीं हो सकता है. यदि ऐसा हो तो काम पर वापस जाएं. आलोचनाओं का सामना करें. अगर आप प्रोजेक्ट की विफलता से हताश होकर नौकरी छोड़ देंगे तो नर्इ कंपनी मानेगी कि आपने नौकरी छोड़ी नहीं, बल्कि आपको निकाला गया है.

कोर्इ दूसरी नौकरी हाथ में नहीं है

जॉब मार्केट का एक साधारण नियम है. आपको तब तक अच्छा माना जाता है जब तक आपके पास नौकरी है. इसलिए जब तक कुछ बहुत बड़ा न हो जाए तब तक नौकरी नहीं छोड़ें. हाथ में दूसरा ऑफर हो तभी नौकरी छोड़ने का फैसला करना चाहिए.
आपकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है

नौकरी छोड़ने का फैसला करने से पहले अपने आप से एक सवाल जरूर पूछ लेना चाहिए. ‘क्या मैं इसके लिए तैयार हूंॽ’ नौकरी छोड़ने का निर्णय लेने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति को टटोल लें. इस बात को देख लें कि आय के नए स्रोत के बिना आप कितने दिन रह पाएंगे. अपने आपको याद दिलाएं कि आपको सैलरी क्यों चाहिए.

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