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इम्फाल में बीएसएफ पर हमला, दो जवानों समेत एक नागरिक की मौत

इम्फाल में बीएसएफ पर हमला, दो जवानों समेत एक नागरिक की मौत
मणिपुर के इम्फाल में बुधवार को बीएसएफ सेक्टर हेडक्वार्टर्स कोइरेंगी कैंपस के करीब आई ई डी धमाका हुआ जिसमें दो बीएसएफ जवान और एक नागरिक की जान चली गई। हमले के दौरान एक जवान के साथ एक नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे अस्पताल ले जाया गया।
हालांकि मणिपुर उग्रवाद प्रभावित इलाका है इसकी सीमाए म्यांमार से सटी हुई हैं। इस तरह के धमाके पहले भी हो चुके हैं। बता दें इस धमाके की जिम्मेदारी अभी किसी गुट ने नहीं ली है। अक्सर मणिपुर में उग्रवादी अर्द्धसैनिक बल के जवानों को अपना निशाना बनाया और उनके हथियार भी लूट ले गये। पिछले साल मणिपुर के चंदेल जिले में अर्द्धसैनिक बल के जवानों और हथियारों से लैस उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हुई जिसमें एक उग्रवादी मार गिराया गया था।
4 जून साल 2015 के दिन मणिपुर के चंदेल जिले में पूर्वोतर के एनएससीएन-के ने भारतीय सेना के कफिले पर हमला कर 18 जवानों को मौत के घाट उतार दिया। इस हमले  के बाद 8 जून को भारत ने भारत.म्यांमार सीमा को लक्षित कर 70-80 उग्रवादी को मार गिराया। सुरक्षा बलों की इस जवाबी कार्रवाई के बाद से उग्रवादियों के हमले खत्म होने के बजाय वो लगातार सुरक्षा बलों के जवानों को अपना निशाना बना रहे है।
इससे पहले भी मणिपुर में उग्रवादियों द्वारा किए गए IED विस्फोट में असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए थे। ये विस्फोट तब हुआ जब असम राइफल्स के जवान चंदेल के पास गश्त लगा रहे थे। आईईडी विस्‍फोट की मणिपुर में ये पहली घटना नहीं है। आपको बता दें कि इससे पहले साल जून 2017 में मणिपुर के उखरुल जिले में एक बम धमाके में असम राइफल्स का 1 जवान शहीद हुआ था। उग्रवादियों ने इस धमाके को ट्रांस एशियन राजमार्ग 102 के पास लोकचाओ में रिमोट के जरिए अंजाम दिया गया था। जानकारी के अनुसार, विस्फोट के दौरान प्रादेशिक सेना के 165 जवान घटनास्थल के पास से गुजर रहे थे। विस्फोट के बाद घायल हुए सभी जवानों को हेलीकॉप्टर के जरिए इम्फाल के पास लेमाकोंग के सैन्य हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था।

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