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ऊंची मेरिट वालों को सुदूर जिला अभ्यर्थी परेशान

ऊंची मेरिट वालों को सुदूर जिला अभ्यर्थी परेशान

शिक्षक भर्ती की दो चयन सूची जारी हुई। दोनों का जिला आवंटन पूरी तरह से बेमेल है। पहली सूची में ऊंची मेरिट वालों को दूर का जिला दिया है, जबकि दूसरी चयन सूची में सभी मेरिट वाले अभ्यर्थी रहे हैं, उनमें से अधिकांश अपना गृह जिला पाने में कामयाब रहे हैं। अभ्यर्थी अब व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर

इस तरह दोहरा मानदंड क्यों बनाया व अधिक पाने वालों ने क्या गुनाह किया है, जिन्हें दूर भेजा गया है। वे अब कोर्ट की शरण लेने जा रहे हैं।
परिषदीय स्कूलों की सहायक अध्यापक भर्ती का चयन मानक एकाएक बदलने जाने के दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। पहली चयन सूची में नियुक्ति पाने के लिए जिला वरीयता भरने वाले सभी अभ्यर्थियों को मेरिट के अनुसार जनपद का आवंटन किया गया। उसमें शिक्षामित्रों का भारांक और अन्य वर्गो की उम्दा मेरिट से तमाम ऊंचे गुणांक वाले अभ्यर्थियों को दूर का जिला आवंटित हो गया। उस समय तक वे अभ्यर्थी मौन रहे, लेकिन रविवार को दूसरी चयन सूची में उन अभ्यर्थियों का जिला आवंटन हुआ जो पहली सूची में चयन से बाहर हो गए थे। उनमें से अधिकांश को गृह या पड़ोसी जिला मिल गया है। भले ही यह कार्य तय सीटें बढ़ जाने के कारण हुआ लेकिन, अभ्यर्थियों में संदेश गलत गया है कि जो चयन से बाहर वे फायदे में रहे और ऊंची मेरिट वाले अब दूसरे जिले में ही पढ़ाते रहेंगे। इस भर्ती के चयनितों का अंतर जिला तबादला नहीं होना है। दो दिन से बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय पर प्रदेश भर के ऊंची मेरिट वाले वे अभ्यर्थी जमा हो रहे हैं, जिन्हें दूसरे जिले में जाना पड़ा है। उनका कहना है कि भर्ती में हर स्तर पर खामियां हुई हैं, अब उन्हें सुधारा जा सकता है लेकिन, उनकी सुनी तक नहीं जा रही है। अभ्यर्थियों ने बताया कि मुख्यालय पर शिकायती पत्र लेने की जगह उसे डाक से भेजने को कहा जा रहा है।

High District Residents Disturbed for High Merit

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