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एशियाई, ओलंपिक खेलों में दिखेगा गीता का जलवा

एशियाई, ओलंपिक खेलों में दिखेगा गीता का जलवा

युवा भारतीय महिला पहलवान रितु फोगाट ने सोमवार को अपनी बड़ी बहन और महिला पहलवान गीता फोगाट का सर्मथन किया। रितु ने कहा कि ‘राष्ट्रमंडल खेलों में क्वालीफाई करने में असफल होने के बावजूद एशियाई खेलों और 2020 ओलम्पिक खेलों में वह अपनी क्षमता को साबित करेंगी।’ गीता इस साल राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय टीम में जगह हासिल करने में असफल रहीं थी। उन्हें ट्रायल में 57 किलोग्राम वर्ग में पूजा दांडा ने मात दी थी।

रितु ने कहा कि ‘बॉलीवुड फिल्म ‘दंगल’ से मिली लोकप्रियता और रियेलिटी टेलीविजन शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ में हिस्सा लेने से गीता का ध्यान नहीं भटका है, गीता पहले भी एशिया चैम्पियनशिप में 2 बार कांस्य पदक जीत चुकी हैं और वह भविष्य में खुद को साबित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ साथ ही रितु ने ये भी कहा कि ‘गीता में आने वाले खेलों के लिए बिलकुल भी दबाव नही है। यह कुश्ती है, जहां एक सेकेंड में आपका दांव पलट सकता है। गीता के साथ भी ऐसा ही हुआ। क्वालिफांइग मैच आखिरी के 10 सेकेंड में पलट गया था और इस कारण वह राष्ट्रमंडल खेलों में क्वालीफाई नही कर पाई।’ उन्होंने कहा कि ‘इस साल एशियाई खेल और इसके बाद ओलंपिक खेल हैं, जिसमें वह खुद को साबित कर सकती हैं।’

भारत की 23 वर्षीया पहलवान रितु इस साल प्रो-रेसलिंग लीग के तीसरे सीजन में वीर मराठा का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस लीग में वीर मराठा पर्दापण कर रही है। रीतु ने कहा ‘हमारी टीम काफी अच्छी है। हम अपना 100 प्रतिशत देंगे और आशा है कि सीजन के अंत में खिताब अपने नाम करेंगे।’ पिछले साल एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली रितु ने यह भी कहा कि ‘उनके लिए यह साल काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन पीडब्ल्यूएल में विश्व चैम्पियन और ओलम्पिक पदक विजेताओं के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए उनको आगामी टूर्नामेंटों में बेहतर प्रदर्शन करना पडेगा, जिससे उनके आत्मविश्वास को मजबूती मिलेंगी।’ आखिर में रितु ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य 2020 टोक्यो ओलंपिक खेलों में बेहतर प्रदर्शन करना है।

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