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चारा घोटाला : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को 14 साल की सजा

चारा घोटाला :  बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को 14 साल की सजा

चारा घोटाले के चौथे केस में भी दोषी ठहराए गए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को 14 साल की सजा सुनाई गई है। ये सजा दो अलग-अलग धाराओं के तहत सुनाई गई है। साथ ही उनपर दोनों मामलों में 30-30 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। लालू के अलावा इस मामले में महेंद्र सिंह वेदी, आनंद कुमार सिंह, अजित वर्मा, नंद किशोर भी दोषी करार दिए गए थे। वहीं जगन्नाथ मिश्रा को फिर से बरी कर दिया गया था। इसके अलावा इस केस में अधीप चंद, ध्रुव भगत, एमसी सुवर्णों को भी कोर्ट ने बरी कर दिया था। ये मामला दुमका ट्रेजरी से अवैध निकासी का मामला है। इस मामले में लालू और अन्य दोषियों की सजा पर 21 मार्च को ही बहस पूरी हो गई थी। लालू यादव के वकील ने उनकी उम्र का हवाला देकर कोर्ट से कम सजा की मांग की थी।

दुमका ट्रेजरी से 3.13 करोड़ की अवैध निकासी का मामला 

दुमका ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले में लालू यादव और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्रा समेत कुल 31 आरोपी थे, लेकिन सीबीआई कोर्ट ने लालू को दोषी करार दे दिया था, जबकि जगन्नाथ मिश्रा को बरी कर दिया गया था। बता दें कि दुमका ट्रेजरी से दिसंबर 1995 से जनवरी 1996 के बीच कुल 3.13 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की गई थी। उस समय इस मामले में 48 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, जिसमें लालू यादव और जगन्नाथ मिश्रा भी शामिल थे।

चाईबासा कोषागार केस में भी लालू को मिल चुकी है सजा 

इससे पहले इसी साल जनवरी महीने में चाईबासा कोषागार केस में लालू यादव को 5 साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही उनपर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। ये मामला चाईबासा कोषागार में 34 करोड़ रुपये के गबन से जुड़ा मामला था। चारा घोटाला के एक मामले में लालू यादव पहले ही जेल की सजा काट रहे हैं। फिलहाल वो रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं।

 बता दें कि 900 करोड़ के चारा घोटाले में झारखंड में लालू यादव के खिलाफ कुल 5 मामले दर्ज हैं, जिनमें से तीन मामलों में लालू की सजा का ऐलान हो चुका है। चारा घोटाला बिहार का सबसे बड़ा घोटाला था, जिसमें पशुओं को खिलाये जाने वाले चारे, दवाइयों और पशुपालन से जुड़े उपकरणों को लेकर घोटाले को अंजाम दिया गया था। इसमें पशुपालन विभाग के सरकारी खजाने से 950 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया था।

देवघर कोषागार मामले में 3 साल की सजा

देवघर कोषागार मामले में 6 जनवरी को सीबीआई कोर्ट लालू यादव को सजा सुना चुकी है। उन्हें तीन साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही लालू पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 23 दिसंबर को सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद यादव समेत 16 लोगों को दोषी करार दिया था। वहीं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा, बिहार के पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद, बिहार विधानसभा की लोक लेखा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष ध्रुव भगत समेत छह लोगों को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया था।

वहीं 3 अक्टूबर 2013 को भी चारा घोटाले से ही जुड़े एक मामले में 37 करोड़ रुपये के गबन को लेकर लालू यादव को दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई थी और उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी किया गया था। जिसके बाद लालू यादव रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद थे, हालांकि दिसंबर 2013 में उन्‍हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक लालू यादव के 11 साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध है।

 

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