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जब पिता की मौत पर लड़कियों ने मनाया जश्न, जानें क्या है मामला?

जब पिता की मौत पर लड़कियों ने मनाया जश्न, जानें क्या है मामला?

अब तक आपने किसी की मौत पर लोगों को मातम मानते देखा होगा, लेकिन नोएडा में जो कुछ हुआ है वह हैरान करने वाला है। यहां पर पिता की मौत पर बेटियों ने मातम नहीं खुशी मनाई है। खुशी भी कैसी, पिता की अंतिम यात्रा में लोग बैंड बाजा के साथ नाचते हुए निकले। इतना ही नहीं पिता की अर्थी को बेटियों ने कंधा देने के साथ-साथ पिता को मुखाग्नि दी और दाह संस्कार भी किया।

आपको बता दें कि ये अंतिम यात्रा थी नोएडा के प्रसिद्ध उद्योगपति और प्रिंस गुटखा कंपनी के संस्थापक हरीभाई लालवानी की। आज उनकी मौत हो गई, बताया जा रहा है कि उनकी मौत को जश्न की तरह से मनाया गया। बैंड बाजा के साथ परिवार और रिश्तेदार के लोग नाचते हुए इस अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इतना ही नहीं चार बेटियों के पिता हरीभाई लालवानी ने अपनी बेटियों को बेटों की तरह पाला और बेटियों ने पिता की अंतिम इच्छा को पूरी करते हुए मौत पर मातम के बजाय जश्न मनाया और अर्थी को कंधा देने के साथ-साथ पिता को मुखाग्नि दी और दाह संस्कार भी किया।

फूलाें से सजा ये रथ और बैंड-बाजे की थाप पर नाचते ये लोग भ्रम पैदा कर सकते हैं कि यह कोई खुशी का जश्न है, लेकिन ये जश्न है नोएडा के एक उधोगपति हरीभाई लालवानी की अंतिम यात्रा का जिसमें पूरा परिवार और रिश्तेदार बैंड-बाजे के मातम के बजाय डांस कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिंदगी और मौत के बारे में हरीभाई का कहना था की ईश्वर ने भेजा है और ईश्वर ही बुलाया है, इसलिए मातम कैसा? उन्होंने अपने परिवार के लोगों से अंतिम इच्छा जताई थी की उनकी मौत पर मातम नहीं जश्न मनाया जाए, पिता की अंतिम इच्छा पूरी करते हुए चारो बेटियों ने बेटों का फर्ज निभाया।

 

 

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