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जम्मू-कश्मीर में लगा राज्यपाल शासन

जम्मू-कश्मीर में लगा राज्यपाल शासन

जम्मू-कश्मीर में भाजपा-पीडीपी गठबंधन टूटने और सरकार के गिरने के बाद राज्यपाल शासन लग गया है। आप को बता दें कि इस मामले पर जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को रिपोर्ट मंगलवार को ही भेज दी थी। राज्यपाल ने रिपोर्ट भेजने से पहले राज्य में हर तरह के विकल्प अपनाए थे। इस दौरान उन्होंने महबूबा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना, नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर से भी बात किया था।

राजभवन के प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर बात करते हुए बताया कि उन्हें रवींद्र रैना और कवींद्र गुप्ता द्वारा हस्ताक्षर वाला पत्र फैक्स मिला था। इस पत्र में बीजेपी द्वारा समर्थन वापसी की बात कही गई थी। उन्होंने आगे बात करते हुए बताया कि महबूबा मुफ़्ती के इस्तीफा देने पर राज्यपाल ने उन्हें कुछ और समय तक पद पर बने रहने को कहा था, लेकिन उन्होंने इससे इंकार कर दिया था।

आगे जानकरी देते हुए उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने इस दौरान कवींद्र गुप्ता और महबूबा मुफ्ती से बात कर ये जानने की भी कोशिश कि क्या उनकी पार्टियां इस मुद्दे पर किसी अन्य विकल्प की तलाश कर रही है. जिस पर दोनों नेताओं ने साफ़ इंकार कर दिया। इसके बाद राज्यपाल ने मीर से भी बात की और उन्हें जानना चाहा कि क्या वो राज्य में सरकार बनाने की इच्छुक है, जिस पर उन्होंने कहा कि उनके पास संख्याबल नहीं है।

वहीं दूसरी और उमर ने भी सरकार बनाने से इंकार कर दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी राज्य में राज्यपाल शासन और चुनाव के अलावा कोई और रास्ता नहीं हैं।  सभी प्रमुख दलों से बात करने के बाद ही राज्यपाल ने जम्मू कश्मीर के संविधान की धारा 92 के तहत राज्यपाल शासन लगाने की रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेज दी थी।

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