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जानिए कैसे आपके शौक बदल सकते हैं आपकी किस्मत

जानिए कैसे आपके शौक बदल सकते हैं आपकी किस्मत

वृद्धावस्था मनोरोग पर आधारित एक अंतर्राष्ट्रीय जर्नल के अध्ययन के अनुसार, “बागवानी करने या क्रासवर्ड पहेली सुलझाने जैसे शौकों पर ध्यान देने से आप थोड़ी देर के लिए अपनी तकलीफें भूल जाते हैं और इससे आपका मूड भी बदल जाता है। किसी ऐसी चीज में रुचि रखना अच्छा है जहां आपको किसी के माता, पिता, पार्टनर या कर्मचारी की भूमिका निभानी नहीं पड़ती है। वहां केवल आप होते हैं।” जब मैं भी एक ऐसे ही वैकल्पिक रुचिकर कार्य की तलाश कर रहा थी, तो कहीं ना कहीं ये बात मेरे जेहन में भी थी। जैसा कि सब कहते हैं योजना ए के विफल हो जाने पर जीवन में हमेशा योजना बी होनी चाहिए। यह बात मुझ जैसे शौकीनों के लिए बिलकुल सही है क्योंकि हम किसी एक शौक को एक लंबे समय तक पूरा करते-करते उससे उब जाते हैं और फिर दूसरे शौक या रुचिकर कार्य की तलाश करने लगते हैं।

एक सुबह, उत्सापूर्वक मैंने अखबार के साथ आने वाले सप्लीमेंट में दिए गये नियमित क्रासवर्ड पजल को सुलझाना शुरु कर दिया। मैं अपने इस नये शौक को एकल दिमाग के साथ लगातार तीन महीनों तक पूरी भक्ति के साथ पूरा करती रही। फिर अचानक मुझे यह बात पता चली कि यह केवल एक वर्ड गेम नहीं है बल्कि इस गेम पर ऐसे लोगों का विशेषाधिकार है जो बुद्धिमान होते हैं और जिनकी दिलचस्पी विज्ञान जैसे क्षेत्रों में होती है। जाहिर है कि हर खांचे को भरने का प्रयास मुझे मेरे औसत सोच से उपर ले जा रहा था। मैंने संभावित शब्द के लिए दिए गये हर संकेत पर विचार-विमर्श करना शुरु कर दिया। दो महीनों में ही मेरी सोचने, बातचीत करने और देखने की गति में बहुत ही महत्वपूर्ण सुधार होने लगा। इस क्रासवर्ड की यात्रा में मुझे कई ऐसे शब्द पता चले जो ऑफिस या महत्वपूर्ण कामों में मेरे लिए मददगार साबित हो रहे थे। अंतर्मुखी स्वभाव के होने के कारण मुझे किसी से भी बातचीत की शुरुआत करने में परेशानी होती थी लेकिन तीन महीनों में ही इस गेम के कारण अब किसी भी सामजिक समारोह में मुझे अलग-थलग सा महसूस नहीं होता था। सबसे महत्वपूर्ण क्षण वह था जब मेरे बॉस के फेयरवेल पार्टी में मेरे एक सहयोगी ने मुझसे पूछा, “तुम हमेशा अपने भाषण की समाप्ति सही समय पर सही शब्द के साथ कैसे कर लेती हो?” मैं मुस्कुराने लगी। मैंने उनके शब्दों के लिए उनका धन्यवाद अदा किया। मुझे यकीन था कि इसे पढ़ने के बाद वो भी जल्द ही इस बात का पता लगा लेगी।

इस शौक से मुझे दूसरा फायदा यह मिला कि इससे अब मेरे घर में भी शांति थी। अब घर के किसी भी सदस्य से मेरी बेवजह की बहस नहीं होती थी। जैसे कि सुबह में अब मुझे मेरे पति से पहले पेपर लेकर पढ़ने की जल्दबाजी नहीं होती थी। अपने रोजाना की हरकतों से आप अगर थोड़ा इधर-उधर हो जायें तो इससे दूसरों के मन में सवाल आने लगते हैं। इसलिये अगले ही दिन मेरे पति ने मुझसे पूछा, “अरे सुनो! क्या तुम अब पेपर नहीं पढ़ती हो?” मेरा जवाब था, “तुम्हें शायद पता नहीं कि आजकल मुझे पेपर के साथ आनेवाले सप्लीमेंट ज्यादा रूचिकर लगने लगे हैं।” ऐसा क्यों है, इस बात का जवाब शायद ही मेरे पति को समझ में आया होगा।

मैं व्यक्तिगत रूप से अमेरिका की विविधताएं भरे शब्द पसंद करती हूं जिसमें ‘गुप्त’ और ‘फांसी’ जैसे शब्द शामिल नहीं है। इस गेम की शुरुआत करनेवालों के लिए मेरी सलाह है कि एक ही दिन में इसे खत्म करने की जल्दबाजी न करें और ‘गुप्त’ शब्दों पर न जायें। इससे बेहतर है कि खुद ही सवालों का जवाब ढ़ूंढ़ने की कोशिश करते हुए इसे खत्म करें ताकि आपको और अधिक निराशा महसूस ना हो।

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