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आस्था

जानिए क्या है टैरो कॉर्ड रीडिंग

जानिए क्या है टैरो कॉर्ड रीडिंग
वैदिक ज्योतिष में जन्म कुंडली, हस्तरेखा और न्यूमरोलॉजी आते हैं। वैदिक ज्योतिष और टैरो दोनों भविष्य फल कथन की विभिन्न प्रणालियों में से ऐसी विद्याएं मानी हैं गयी हैं जिनका भारत में ही नहीं बल्कि विश्व में सर्वाधिक प्रचलन हो रहा है और इनका भविष्य जानने के लिए सहारा लिया जाता है। ज्योतिष की दुनिया की सभी विधाओं में एक और विधा भी है जिसे टैरो कार्ड रीडिंग कहा जाता है। टैरो कार्ड के ऊपर कुछ रहस्यमय प्रतीकात्मक चिह्न बने होते हैं, जो ताश के पत्तों की तरह दिखते हैं। इससे संबंधित व्यक्ति के साथ भविष्य में होने वाली घटनाओं को बहुत हद तक अनुमानित कर सकते हैं। टैरो कार्ड के ऊपर अंक, रंग, संकेत तथा पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश जैसे पांच तत्व दर्शाए गए होते हैं। 
 
जहां विज्ञान ने मानव जीवन को सरल एवं सुखमय बनाने के लिये अनेक आविष्कार किये हैं, वहीं इन्हें सुखी बनाने वाले साधनों ने जीवन को जटिल बनाकर व्यक्ति को चिंताओं में डुबा दिया है, वहीं पर ज्योतिष विद्या ने जीवन की समस्याओं का निदान देकर उसे चिंताओं से मुक्त किया है। वैसे तो ज्योतिष की सभी विद्याएं अपने आप में निपुण समाधान देती है परंतु टैरो कार्ड का अध्ययन सरल और सटीक समझा जाता है।
 
टैरो कॉर्ड रीडिंग चित्र और प्रतीकों वाले कार्ड्स के उपयोग पर आधारित एक प्राचीन भविष्यसूचक प्रणाली है। इसके उपयोग से भविष्य की घटनाओं को देखकर उनका आंकलन कर समाधान का पता किया जाता है। टैरो कार्ड्स एक दर्पण की तरह होते हैं जिसमें व्यक्ति के व्यक्तित्व को साफ़-साफ़ देखा जा सकता है। टैरो रीडिंग रीडिंग प्राचीन मिस्र और भारत की भविष्यवाणी के लिए प्रयोग की जाने वाली पुरानी विद्या है। टैरो कार्ड रीडिंग की इस विधा को सबसे पहले चौदहवीं शताब्दी में इटली में मनोरंजन के माध्यम के तौर पर अपनाया गया था। लेकिन बहुत ही जल्द यह विद्या यूरोप के बहुत से देशों में फैल गई और धीरे-धीरे इसे मात्र मनोरंजन का साधन ना मानकर भविष्य जानने की गूढ़ विद्या के तौर पर अपना लिया गया। 18वीं शताब्दी तक पहुंचते-पहुंचते टैरो कार्ड रीडिंग इंग्लैंड व फ्रांस में भी बहुत लोकप्रिय हो गई। 
 
वैदिक ज्योतिष का अध्ययन करने के लिये भाषा, गणित, भूगोल एवं भौतिक शास्त्रों की एक सामान्य समझ होना आवश्यक है। टैरो कार्ड के चित्रों और संख्याओं को एक छोटा बच्चा जिसे अक्षरों एवं अंकों का ज्ञान है अथवा कोई सामान्य व्यक्ति जो साक्षर है आसानी से पढ़ लेता है और चित्रों की भाषा को आत्मसात करना उतना कठिन नहीं है। टैरो कार्ड में राशियों, ग्रहों, नक्षत्रों, रंगों तथा अंकों का सभी चित्रों में प्रयोग किया गया है। इनमें ज्योतिष की राशियों के समान उन चारों तत्वों अग्नि, वायु, जल तथा पृथ्वी को प्रयोग किया गया है। अतः टैरो अध्ययन की सूक्ष्मता में वैदिक ज्योतिष का बहुत बड़ा योगदान है। टैरो कार्ड पद्धति में चंद दिनों से लेकर एक वर्ष तक की अवधि में होने वाली घटना क्रम के विषय में ही बताया जा सकता है।
 
टैरो में 78 कार्ड होते है- 22 कार्ड मेजर अर्काना, 56 कार्ड माइनर अर्काना, 56 माइनर कार्ड में से 16 कार्ड रायल अर्काना या कोर्ट कार्ड कहलाते हैं, जिनमें जैसे किंग, क्वीन, नाइट व पेज जैसे पत्ते शामिल हैं।
 
अर्काना शब्द लैटिन भाषा से निकला है जिसका अर्थ है रहस्यमयी। मेजर आर्काना ब्रह्मांड के मूल तत्वों और विभिन्न राशियों को अभिव्यक्त करता है। माइनर अर्काना इन्हीं तत्वों को रोजमर्रा की घटनाओं, सरोकारों, गतिविधियों तथा भावनाओं पर भविष्य में जीवन की प्रतिदिन की प्रक्रिया को स्थापित करती है।
 
टैरो के विभिन्न कार्ड्स और उनके फल 
 
मेजर आरकाना में ‘0’ से लेकर ‘21’ तक कुल 22 कार्ड होते हैं। इन 22 कार्ड से टैरो कार्ड रीडर किसी व्यक्ति के जन्म, मृत्यु और लव लाइफ आदि मुख्य घटनाओं का आंकलन करके देखते हैं। मेजर अरकाना कार्ड्स पर निम्न चिन्ह अंकित होते हैं- स्ट्रेन्थ, हर्मिट, व्हील आफ फार्च्यून, जस्टिस, हेंग्ड मेन, डेथ, टेम्परेन्स, टावर, स्टार, मून, डेविल, सन, जजमेंट, वर्ल्ड, द फूल, द मेजिशियन, हाइ प्रिस्टेस, एम्प्रेस, एम्परर, हीएरोफेंट, लवर्स, चेरिएट। 
 
1 – 0 दी फूल (मूर्ख) तत्व-वायु, 
 
यह कार्ड अप्रत्याशित घटना का या खबर का प्रतीक है जो जातक की निर्णय क्षमता एवं रूचियों को नाटकीय ढंग से बदल देता है। सत्य को न पहचानना, बच्चे जैसी आदतें, साफ दिल का, भ्रष्टाचार से कोसों दूर, धर्म की कमी, किसी भी कार्य को करने की अधीरता, अत्यधिक आशावादी, रोमांचकारी कार्य को करने की उत्सुकता, हाजिर जवाब व बेफ्रिक आदि इसके लक्षण होते हैं।
 
 – 1 दी मैजिशियन (जादूगर) ग्रह-बुध 
 
यह एक शुभ कार्ड है जो नये अवसर, नए उद्यम, दृढ़ इच्छा शक्ति एवं प्रत्येक नए काम में उमंग के साथ समाहित होने का प्रतीक है। आगे बढ़-चढ़कर भाग लेना, अपनी काबीलियत को पहचानना, ज्ञान को सफलता की कुंजी मानना, अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखना, अपनी बात और काम को भली-भांति जानना आदि इसके लक्षण होते है। 
 
3 –  2 दी कार्ड प्रीस्टेस (पुजारिन) ग्रह-चंद्रमा 
 
यह कार्ड रहस्यों की मार्गदर्शिका का बोध कराता है। इसका तात्पर्य यह है कि किसी रहस्य से पर्दाफाश होने वाला है या जातक किसी रहस्य को उजागर करना चाहता या चाहती है। रहस्यमयी, मन की छुपी भावनाएं, पूर्वाभास, स्त्रीशक्ति, शांत व्यक्तित्व आदि इसके लक्षण होते हैं।
 
4 –  3 दी एम्प्रैस (महारानी) ग्रह-शुक्र 
 
यह कार्ड प्रेम, शादी, भरोसे, समृद्धि तथा जन्म का प्रतीक है। इससे यह समझना चाहिए कि कोई स्वागत योग्य शुभ घटना घटने वाली है। किसी नए घटना का उदय होना व बढ़ना, सुख समृद्धि, सृजनात्मकता, अत्यधिक स्नेह भाव, जीवन के प्रति सकारात्मक सोच, कला व सौंदर्य पर ध्यान केंद्रित करना, प्राकृतिक सौंदर्य में रहना पसंद करना, सुख सुविधाओं में भरपूर जीवन जीना आदि इसके लक्षण होते हैं। 
 
5 –  4 दी एम्परर (महाराना) राशि-मेष 
 
यह उपलब्धि और सम्मान का प्रतीक है तथा कई बार पुरुष के अदम्य प्रभाव का द्योतक भी होता है जैसे- पिता/पति/साझेदार या जातक के जीवन में किसी पुरुष या उच्चाधिकारी का प्रभाव होता है। अदम्य शक्ति, प्रतिनिधित्व, सबसे आगे बढ़कर कार्य करना व अन्य लोग उनकी राह पर चलना पसंद करते हैं। न्याय प्रिय व न्याय प्रणाली को सही तरीके से बनाए रखना आदि इसके लक्षण होते हैं। 
 
6 –  5 दी हायरोफेंट (ज्योतिषी) राशि-वृष 
 
यह नैतिक कानून, चतुर और बुद्धिमान, परामर्शदाता, व्यावहारिक निर्देशक या आध्यात्मिक गुरु का प्रतीक है। पारंपरिक रीति-रिवाजों को जो मूलतः दकियानूसी विचार वाला है, जो नई बात तलाशने के हक में नहीं है। इस कार्ड का प्रकटन विवाह या विवाह की कामना एवं कानूनी जिम्मेदारियों और सरकारी दस्तावेजों की ओर इंगित करता है।
 
7 –  6 दी लवर्स (प्रेमी) राशि-मिथुन 
 
यह प्रेमी युगल का प्रतीक है, जातक के जीवन में प्रवेश करने वाले नए प्रेम-संबंध का संकेतक है जिसे जातक स्वयं नहीं देख सकता परंतु प्राप्त करने पर आश्चर्यचकित रह जाता है तथा प्रेम व कर्तव्य के बीच निर्णय को स्थापित करता है।
 
8 –  7  दी चैरियट (रथ) राशि-कर्क 
 
यह संघर्ष या टकरावों के पश्चात् विजय का प्रतीक है। इसलिए यह कार्ड यह सलाह देता है कि यदि किसी संघर्ष में जातक फंसा है तो उसे प्रयत्न जारी रखने चाहिए क्योंकि अंततः विजय जातक की होगी।
 
9 –  8 जस्टिस (न्यायाधीश) राशि-तुला
 
यह न्याय व ईमानदारी का परिचायक होता है तथा हर मामले में संतुलन को प्रदर्शित करता है। साझेदारी, मुकदमे इत्यादि के मामले में सभी के साथ न्याय एवं ईमानदारी को दिखाता है चाहे यह हिस्सा व्यापार का हो या व्यक्तिगत।
 
10 –  9 दी हरमिट (साधु-संन्यासी) राशि-कन्या 
 
यह कार्ड आत्म-विश्लेषण तथा शांति एवं एकांत की कामना का प्रतीक है। यह जातक को चेतावनी देता है कि निर्णय जल्दबाजी या अधीरता से न लिया जाए बल्कि किसी भरोसेमंद व्यक्ति से उचित सलाह लेकर निर्णय लें। यह निर्णय मुख्यतः स्वास्थ्य से संबंधित भी हो सकते हैं। इससे पता चलता है कि जातक की बीमारी के बाद स्वस्थ होने के लिए कितने समय तक आराम करना चाहिए।
 
11 10 दी व्हील ऑफ फॉरच्यून (भाग्य चक्र) ग्रह-बृहस्पति 
 
यह जीवन के नर चक्र का प्रतीक है। इसका अर्थ है सौभाग्यशील एवं सुनहरा भविष्य। यह भी भाग्य है जो आप इस अवसर में आए न कि आप अपनी मर्जी से आए। मौजूदा समस्याओं का अंत और पूर्व समय में किये गए प्रयत्नों का प्रतिफल या ईनाम प्राप्त होता है।
 
12 – 11 स्ट्रेन्थ (शक्ति) राशि-सिंह 
 
इसका तात्पर्य केवल भौतिक शक्ति नहीं बल्कि भयंकर दबाव की स्थिति में सहजता से कार्य करने की क्षमता को प्रकट करता है तथा इसका अंत सफलता के साथ होता है।
 
13 – 12 दी हैंगमैन (फांसी) तत्व-जल ग्रह-नेप्च्यून यह
 
जातक के पार्थिव या भावनात्मक बदलाव का प्रतीक है। साथ ही जातक में परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढाल पाने की योग्यता को दर्शाता है।
 
14 – 13 डेथ (मृत्यु) राशि-वृश्चिक 
 
यह कार्ड भयदायक जरूर प्रतीत होता है परंतु वास्तव में ऐसा नहीं है। यह पुराने कामों की समाप्ति या नए कामों की शुरूआत को बताता है।
 
15 – 14 टेम्परेंस (धैर्य) राशि-धनु 
 
यह आत्म नियंत्रण, ज्वलनशील मुद्दों को ठंडे दिमाग से निबटने का प्रतीक है जिससे कि सकारात्मक परिणाम मिल सकें।
 
16 – 15 दी डेविल (शैतान) राशि-मकर
 
यह कार्ड एक शुभ संकेतक है। यदि किसी विवाह में प्रतिबद्धता या रिश्तों की ईमानदारी का प्रश्न हो तो इसे सच्चाई, ईमानदारी एवं वफादारी का प्रेमपूर्ण प्रतीक समझा जाना चाहिए।
 
17 – 16 दी टॉवर (मीनार) ग्रह-मंगल 
 
यह कार्ड बेहद भय एवं खौफ का वातावरण प्राप्त करता है। अप्रत्याशित घटनाओं के बारे में जो तहस-नहस करने वाली लेकिन उसके बाद मजबूत होकर उभरेंगे तथा समस्याओं के विलंब की ओर इशारा करता है।
 
18 – 17 दी स्टार (तारे) राशि-कुंभ 
 
यह एक फलदायक कार्ड है जो भविष्य का प्रतीक है व अंतदृष्टि प्रदान करता है। इसमें आशीर्वाद, उम्मीद, निष्ठा का दृष्टिकरण एवं अप्रत्याशित उपहार समाहित है।
 
19 – 18 दी मून (चंद्रमा) राशि-मीन 
 
यह जातक की तीव्र भावनात्मक अभिव्यक्ति और संशय की स्थिति प्रदर्शित करता है। परंतु यह जातक की राह को जगमगा देने वाला होता है भले ही मन में कितना भी भय क्यों न हो अर्थात रास्ता कितना भी कठिन क्यों न हो, अंततः सफलता की प्राप्ति कराता है।
 
20 – 19 दी सन (सूर्य) राशि-सूर्य 
 
यह उत्तम कार्डों में से है जो बताता है कि समय बहुत हर्षदायक और प्रसन्नतावर्द्धक स्थिति की ओर अग्रसर है, मस्ती भरी छुट्टियां, चारों ओर से बच्चों के संबंध में शुभ समाचार या काफी समय पश्चात् बच्चे के जन्म का प्रतीक माना जाता है। परिवार व मित्रों के साथ मौज-मजा, प्रिय और सौहार्दपूर्ण संबंधों का प्रतीक है।
 
21 – 20 जजमेंट (निर्णय) ग्रह-प्लूटो तत्व -अग्नि 
 
यह वर्तमान पूर्णता एवं पूर्व समय में किए गए प्रयत्नों के पुरस्कार का द्योतक है अर्थात् पुराने प्रयत्नों के समापन एवं नए कामों की शुरूआत का प्रतीक है।
 
22 – 21 दी वर्ल्ड (विश्व) ग्रह-शनि 
 
यह जातक की हार्दिक इच्छा की संपूर्ति का प्रतीक है चाहे वह कुछ भी क्यों न हो अर्थात उपलब्धि का समय, मान्यता, सफलता पाने की घड़ी और विजयश्री की उपलब्धि का प्रतीक है
 
माइनर अर्काना में शामिल 56 कार्ड को वैंडस, कप्स, सोडर्स व पैन्टाकल्स नामक 4 भागों में बांटा गया है। इनमें से 40 कार्ड विशुद्ध माइनर अरकाना होते हैं जबकि 16 रायल अरकाना कहे जाते हैं। इनको फिर से 4 भागों में विभाजित किया जाता है- कप्स, पेंटाकल्स, स्वोर्डस्, वेंड्सटैरो कार्ड रीडिंग में माइनर अर्काना को जिन चार भागों में विभाजित किया गया है।
 
वैंड्स: कार्ड – ऊर्जा, आत्मविश्वास, जोखिम, इच्छाशक्ति, ताकत, सृजनशीलता व रचनात्मकता को अभिव्यक्त करता है। 
कप्स कार्ड – कामनाओं, इच्छाओं, वैवाहिक जीवन, प्रेम, मानवीयता, आध्यात्मिकता की अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। 
सोडर्स कार्ड – घृणा, शत्रुता, गति, साइंस, तर्क, न्याय, योद्धा व मानसिक स्पष्टता को दर्शाता है। 
पेन्टाकल्स कार्ड – व्यापार, वित्त, उद्योग, स्वास्थ्य, संपत्ति व रचनात्मकता को अभिव्यक्त करता है।

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