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आस्था

जानिए झाड़ू से जुड़े शगुन और अपशगुन

जानिए झाड़ू से जुड़े शगुन और अपशगुन

वास्तु शास्त्र हमारे आस-पास का महान परिशोध है। यह हमारे जीवन को अधिक प्रभावित करता है। वास्तु का संबंध निवासस्थान से होता है। वहीं वास्तु शास्त्र में हर चीज को लेकर खास नियम बताए गए हैं। साथ ही इन नियमों का पालन करने पर वहां रहने वाले लोगों को सकारात्मक ऊर्जा के साथ कई लाभों की प्राप्ति होती है।

झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसलिए झाड़ू से जुड़े शगुन और अपशगुन हमारे जीवन को काफी प्रभावित करते हैं। हमको इससे जुड़े खास नियमों के बारे में जानकारी होनी चाहिए क्योंकि यह हमारे जीवन पर गहता प्रभाव डालते हैं।

  • ध्यान दें झाड़ू का काम पूरा हो जाने के बाद उसको नजरों के सामने से दूर हटाकर रख देना चाहिए। बिना काम के सामने रखे झाड़ू को अच्छा नहीं माना जाता। झाड़ू को कभी खुले में नहीं रखना चाहिए, ऐसा करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती है।
  • अगर आप झाड़ू का प्रयोग उसके टूट जाने के बाद भी कर रहे हैं। वास्तु के अनुसार ऐसा करना अशुभ माना जाता है। टूटे हुए झाड़ू को तुरंत बदल देना चाहिए, क्योंकि टूटे हुए झाड़ू का इस्तेमाल करना आपके लिए कई समस्याएं खड़ी कर सकता है।
  • घर में झाड़ू को हमेशा पश्चिम दिशा में बने कमरे में रखना चाहिए। झाड़ू को इस दिशा में रखना शुभ माना जाता है। यह आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा को प्रवेश करने से रोकता है।
  • भूलकर भी झाड़ू को खड़ा करने नहीं रखना चाहिए। झाड़ू को खड़ी अवस्था में रखना अपशगुन माना जाता है। इसलिए इसको हमेशा प्रयोग करने के बाद जमीन पर लिटाकर रखना चाहिए।
  • कभी भी शाम के समय झाड़ू नहीं लगाना चाहिए। इसको अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं। इसलिए शाम के समय या रात को झाड़ू न लगाएं।
  • झाड़ू को कभी भूलकर भी पैर नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि हिंदू धर्म में इसको लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। झाड़ू को पैर लगाना मां लक्ष्मी के अपमान के समान होता है। इससे आपको आर्थिक संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
  • शनिवार के दिन नई झाड़ू का प्रयोग करना शुभ माना जता है। इस दिन ही पुरानी झाड़ू को बदलना चाहिए।

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