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जानें क्यों रह गया अबतक नागमणि का रहस्य अनसुलझा

जानें क्यों रह गया अबतक नागमणि का रहस्य अनसुलझा

बचपन से ही हम किताबों और फिल्मों में नागमणि के बारे मे सुनते आ रहे हैं। भारतीय पौराणिक और  लोक कथाओं में नागमणि के किस्से लोगों के बीच खूब प्रचलित हैं। नागमणि को भगवान शेषनाग धारण करते हैं। नागमणि में अद्भुत शक्तियां होती हैं। अगर ये किसी व्यक्ति को मिल जाए तो उसकी किस्मत बदल जाती है। नागमणि की अलोकिक शक्तियों के आगे हीरा भी फीका पड़ जाता है।

मान्यता है कि जिस भी इंसान के पास नागमणि होती है वो बहुत शक्तिशाली और दौलतमंद हो जाता है। उसकी सभी इच्छाएं पूरी होतीं हैं। लेकिन इसमें कितनी सच्चाई है कोई नहीं जानता। आज हम आपको वेद संसार के जरिए नागमणि के पीछे की सच्चाई बताने जा रहे हैं।

नागमणि क्या है?

नागमणि देखने में एक मोती की तरह दिखाई देती है। नागमणि धारण सर्प इंडोनेशिया और मलेशिया में पाये जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि जिन सांपो के पास मणि होती है वे इच्छाधारी होते हैं। जो 1000 सालों तक जीवत रहते हैं। जिस सांप के पास नागमणि होती है उसे सांपो का राजा, नागराज पुकारा जाता है।

कैसी दिखाई देती है

नागमणि को लेकर लोगों का अलग-अलग मतभेद है। कुछ लोग का मानना है कि मणि छोटे से मोती के आकार की होती है। तो कुछ का कहना है कि चावल के दाने के आकार की होती है तो कुछ कहते हैं मणि एक बड़े मोती के आकार की होती है। देखा जाए तो दोनों ही बात सही है क्योंकि जैसे-जैसे नागणमि की उम्र बढ़ती है उसके साथ ही उसका आकार बढ़ता है। मणि अपनी चमक से अंधेरे में भी तेज उजाला देती है।

नागमणि की उम्र के साथ उसकी रोशनी भी बढ़ती जाती है। कुछ लोगों का मानना है कि स्वाती नक्षत्र के समय बारिश की बूंदें सांप के मुंह में जाने से वह मणि का रूप ले लेती है। कुछ लोग कहते हैं कि स्वाती नक्षत्र के समय औश के पानी से मणि उत्पन्न होती है।

क्या है नागमणि का सच

मान्यता है कि नागमणि उन सांपो के पास पाई जाती है तो बहुत बूढ़े होते हैं। जिनमें रेंगने की क्षमता नहीं होती है। कुछ नाग इस तरह के सांपो को खा जाते हैं इन सांपो में मौजूद जहर इनके सिर में जमा हो जाता है। वह सूखने के बाद ठोस पत्थर की तरह बन जाता है। जिसके निकलने के बाद नाग की मौत हो जाती है।

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