आस्था

दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने के लिए करें यह अचूक उपाय

दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने के लिए करें यह अचूक उपाय

कभी-कभी न चाहते हुए भी जीवन में बहुत संघर्ष करना पड़ता है। भाग्य बिल्कुल भी साथ नहीं देता साथ ही दुर्भाग्य निरन्तर पीछा करता रहता है। दुर्भाग्य से बचने के लिए या दुर्भाग्य नाश के लिए करें यहाँ बताए गये उपाय करें। इन्हें पूर्ण आस्था के साथ करने से दुर्भाग्य का नाश होकर सौभाग्य में वृद्धि होती है। पर ऐसा बिल्कुल नहीं है की बस आप इन उपायों को करते रहें और कर्म करें ही ना, अच्छे काम की कोई रीप्लेस्मेंट नहीं है।

पिछले कर्मों के अच्छे-बुरे परिणामों की फ्रिक छोड़कर निष्काम भाव से सच्चे और न्यायप्रिय कर्म करें। प्रतिदिन सूर्योदय के समय गायत्री जप और ध्यान करें, लेकिन मन में किसी फल की आशा न रखें सिर्फ सद्बुद्धि की ही कामना रखें।

माता-पिता यथा संभव प्रशन्न रखें इससे आपका बुरा प्रारब्ध भी समाप्त होने लगेगा। किसी का दिल न दुखाएं बद्दुआओं से सदा बच कर रहें।

सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले इस को करना है। एक रोटी लें। इस रोटी को अपने ऊपर से 31 बार ऊवार लें। बाद में यह रोटी कुत्ते को खिला दें अथवा बहते पानी में बहा दें।

प्रति मंगलवार और शनिवार को बजरंगबली को बिना चूना लगा हुआ एक मीठा पान चढ़ाएं। पान चढ़ाने के साथ ही तेल का दीपक लगाएं, हार-फूल अर्पित करें। प्रार्थना करें कि आपके सभी कार्य पूर्ण हो। इस प्रकार प्रार्थना के बाद हनुमान चालिसा का पाठ करें। यदि पर्याप्त समय हो तो सुंदरकांड का पाठ श्रेष्ठ है।

थाईलैंड के भिक्षुओं के पास लोगों को बुरे भाग्य से बचाने का एक अनोखा उपाय मौजूद है। ऐसे व्यक्ति भिक्षुओं के पास जाकर अपना नकली अंतिम संस्कार कराकर अपने बुरे भाग्य को हमेशा के लिए दूर भगा सकते हैं।

किसी फकीर को गुड़ तथा चना देने से सौभाग्य की प्राप्ति होगी। यदि आपका व्यापार ठीक तरह से नहीं चल रहा है तो बुधवार के दिन एक तोता पिजरे सहित खरीद कर लायें तोते को आजाद कर दे। तोता जितनी दूर उड़कर जायेगा, आपका व्यापार उतना ही अधिक चलेगा।

दांपत्य जीवन में सुख के लिये पति-पत्नी गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करें तो वैवाहिक जीवन सुखमय होगा। जिस कन्या का विवाह न हो रहा हो वह किसी विवाह में दूल्हा-दूल्हन के पास इस तरह खड़ी हो जाये कि दूल्हे पर फेंके गये अक्षत उसके ऊपर गिरे, शीघ्र विवाह होगा।

प्रायः बहुत से ऐसे अभागे दुर्भाग्यशाली होते हैं जो किसी अशुभ क्षण में अशुभ ढंग से घर से निकलते हैं, उनमें कोई-कोई तो दुर्घटना/ घटना के उपरांत अपने घर कभी लौटकर नहीं आते। इसके लिएं सुझाव है कि घर से निकलने के पूर्व दांये पैर में जूता या चप्पल पहनें तथा पहले दांया पैर बाहर रखें, घर से जाते-जाते लौट-लौटकर वापिस आकर जायेंगे तो अपशकुन टल जायेगा, आप सकुशल लौट आयेंगे।

अगर आप घर से निकल रहे हैं और अचानक आपको बछड़े को दूध पिलाती हुई गाय दिख जाये तो आप तुरंत घर जाकर गुड़ लाकर उस दूध पिला रही गाय को खिला दे। आपका दिन सौभाग्यशाली बीतेगा।

दुर्भाग्य को सौभाग्य में परिवर्तित करने हेतु किसी कुएं या बावड़ी के समीप पीपल का पौधा लगायें। पौधे के वृक्ष होने तक उसको सींचे, पालन-पोषण करें। ऐसा करने से दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलते देर नहीं लगती।

सुबह दैनिक क्रिया कलापों से निवृत्त होकर गणेश स्तोत्र का ऊनी आसन पर बैठकर पाठ करने से कार्यों की सफलता सुनिश्चित होती है। इससे व्यक्ति की मानसिक शक्ति असाधारण रूप से बढ़ती है और सुदृढ़ होती है।

सोने के कमरे में तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करके सोने से बुरे सपने नहीं आते एवं गहरी नींद आती है। सोने के कमरे में नित्य देशी कपूर मिले शुद्ध घी का दीपक जलाने से नींद प्रगाढ़ आती है एवं मानसिक शांति मिलती है।

घर में नकारात्मक दृष्टि या शक्तियों का आगमन न हो इसके लिए प्रतिदिन शाम को लोबान या गुगल की धूप जलायें।

कोई भी शुभ कार्य, चाहे वह नौकरी के लिए साक्षात्कार हो या व्यवसाय से संबंधित, फिर कुछ और कार्य, करने से पूर्व हफ्ते के अलग-अलग दिनों में निम्नलिखित उपाय फलदायी होते है। रविवार को पान का पत्ता अपने साथ लेकर जायें।

सोमवार को दर्पण में अपना चेहरा देखकर जायें। मंगलवार को मिष्ठान्न, गुड़, चीनी, मिठाई आदि खाकर जायें। गुरुवार को सरसों के कुछ दाने मुख में डालकर जायें। शुक्रवार को दही खाकर जाना चाहिये। शनिवार को अदरक और घी खाकर जाना चाहिये। बुधवार के दिन हरे धनिये के पत्ते खाकर जाना लाभदायक रहता है।

Share This Post

Lost Password

Register