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धोनी का आलोचकों को कूल एंड करारा जवाब, कहा..

धोनी का आलोचकों को कूल एंड करारा जवाब, कहा..

भारतीय क्रिकेट में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी को लेकर इन दिनों हंगामा मचा हुआ है। जो शांत होने के नाम ही नहीं ले रहा है। वह कई सीनियर खिलाड़ियों के निशाने पर आ गए हैं। इसी बीच कैप्टन कूल के नाम से फेमस एमएस धोनी ने बहुत ही शांत और धैर्य के साथ अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। यूएई की यात्रा पर गए धोनी ने कहा कि सबका देखने का अपना अपना नजरिया है। सबको अपनी बात कहने का पूरा हक है। जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। धोनी अपनी पहली इंटरनेशनल क्रिकेट अकादमी की लॉन्चिंग के लिए दुबई गए हैं।

आपको बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच में खेली गई तीन मैचों की टी-20 सीरीज के दूसरे मैच में भारत को 40 रनों की हार का सामना करना पड़ा था। इस मैच में मिली हार का जिम्मेदार धोनी की धीमी बल्लेबाजी को बताया जा रहा है। जिस समय धोनी बल्लेबाजी करने के लिए आए थे उस समय टीम को जीत के लिए करीब 200 के स्ट्राइक रेट से रनों की जरूरत थी। लेकिन धोनी ने पहली 18 गेंदो पर 16 रन बनाए थे। हालांकि बाद में उन्होंने कुछ बड़े शॉट भी लगाए। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

मैच के बाद धोनी आलोचकों के निशाने पर आ गए। पूर्व सीनियर खिलाड़ी वीवीएस और अजित आगरकर सहित कई खिलाड़ियों ने टी-20 में धोनी की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए। उन्हें टी-20 से संन्यास लेने की सलाह दी गई।

मीडिया खबरों के अनुसार,दुबई में अपनी पहली क्रिकेट अकादमी का शुभारंभ करते हुए धोनी ने कहा कि टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका हर किसी को नहीं मिलता है। टीम इंडिया का हिस्सा होना मेरे लिए बड़ी प्रेरणा है। अपनी आलोचना को लेकर पूछे गए सवाल पर धोनी ने कहा कि सबको कहने का हक है। लाइफ में सबका देखने का अपना नजरिया होता। जिसका सभी को सम्मान करना चाहिए।

धोनी ने कहा कि आपने ऐसे बहुत से क्रिकेटर देखे होंगे। जिनके पास गॉड गिफ्टेड प्रतिभा नहीं होती है। लेकिन वो अपने जुनून की वजह से बहुत आगे तक गए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को खोजने के लिए कोच को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। हर किसी को देश के लिए खेलने का मौका नहीं मिलता।

धोनी ने कहा कि मेरे लिए जीत से ज्यादा प्रोसेस मायने रखती है। मेरा ध्यान परिणाम पर नहीं होता है। उस वक्त के हिसाब से क्या सही, मैं उसी के हिसाब से बल्लेबाजी करता हूं। फिर चाहे टीम को जीत के लिए 10 रन चाहिए, 14 रन चाहिए या फिर 5 रनों की जरूरत है।

गौरतलब है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के दूसरे टी-20 मैच में भारत की हार के बाद वीवीएस लक्ष्मण ने कहा था कि धोनी को टी-20 में अपनी भूमिका के बारे में सोचना चाहिए। उन्हें टी-20 में युवा खिलाड़ियों को मौका देना चाहिए। वनडे में टीम को उनकी जरूरत है। लेकिन टी-20 से उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए।

वहीं एक साक्षात्कार में टीम इडिया के पूर्व तेज गेंदबाज अजित आगकर ने कहा था कि धोनी जब कप्तान थे। तब टीम में उनकी कुछ और भूमिका थी। लेकिन अब वह एक बल्लेबाज के रूप में टीम का हिस्सा हैं। वनडे में धोनी का रोल सही है। लेकिन टी-20 में भारत को धोनी का विकल्प तलाशना चाहिए।

वहीं कुछ लोग धोनी के सपार्ट में भी खड़े नजर आए। टीम इंडिया के कप्तान कोहली, कोच रवि शास्त्री धोनी का सपार्ट कर चुके हैं। कोहली ने कहा था कि अगर मैं तीन पारियां में रन नहीं बनाता तो कोई मुझ पर सवाल खड़े नहीं करेगा। क्योंकि मैं 35 साल के पार नहीं हुआ हूं। उन्होंने कहा था कि धोनी जिस समय बल्लेबाजी करने के लिए आते हैं। उस नंबर पर हार्दिक पांड्या भी रन नहीं बना सकता। वहीं कोच रवि शास्त्री ने कहा था कि कुछ लोग धोनी के शानदार करियर से जलते हैं। वह चाहते हैं कि कब धोनी का अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हो। शास्त्री ने कहा था कि धोनी एक महान खिलाड़ी हैं। वह टीम मैन हैं।

 

 

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