धार्मिक

नवरात्र में सज़ा माँ का दरबार

नवरात्र में सज़ा माँ का दरबार

धर्म 

 

नवरात्रि पर्व पर माता की अराधना के साथ ही व्रत-उपवास और पूजन का विशेष महत्व है। जिस प्रकार नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है,वही सुल्तानपुर जंहा नवरांत्र के महीने में लोहरामऊ स्थित माता रानी का भव्य दरवार सजता हैI  जिसमे एक जिले के नही आस पास कई जिलें के लोग आते है, और मंदिर का दर्शन करते है,यह मंदिर करीब दो सौ से ज्यादा पुराना हैI पहले यह मंदिर जर्जर होया करता था। लेकिन समाजसेवियों के सहयोग से इस मंदिर का जिर्णोद्धार हुआ,लेकिन  उनकी एक मान्यता भी है जब कोई श्रद्धालु सच्चे मन से माता रानी से कुछ मांगता है, तो उनकी मुराद मुरी होती।

 

 

वही मंदिर के पुजारी ने बताया कि माँ भगवती की प्रतिमा को कोई स्थापित नही किया था,बल्कि 200 वर्ष पूर्व माता रानी खुद ही पिंडी रूप से प्रकट हुई है इसीलिए इसका वर्णन का जिक्र होता है और जो भी श्रद्धालु यंहा आते है उनकी मनोकामना जरूर पूरी होती है,और इस मंदिर में श्रद्धालु बहुत ही दूर दूर से आते है,इस मंदिर का जीनंउद्धार 1983 में हुआ था और इसके बाहरी छतों और गुम्बदों का सन 92 में हुआ था।यंहा पर सावन महीने में बहुत ही बड़ा मेले का आयोजन किया जाता है और शाशन प्रशासन की भूमिका बहुत ही सहज तरीके से होती है।

 

वही स्थानीय लोगो व दुकानदारों का कहना है कि माता रानी की कृपा हमेसा बरसती रहती है और नवरांत्र  के मौके पर बहुत ही भीड़ होती है और जिला प्रशासन भी मुस्तैद रहता है और श्रद्धालुओं को बहुत सहज तरीके से दर्शन करवाती है।और इस जगह अधिकतर भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग चलती रहती है।

Lost Password

Register