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निपाह वायरस से बचाव के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी

निपाह वायरस से बचाव के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी

निपाह वायरस की वजह से हुई मौतों के बाद अब लोगों के अंदर इसका खौफ लागातार बढ़ता जा रहा है। लोग अपनी सुरक्षा के लिए चिंचित हैं, इसी बीच हिमाचल और कर्नाटक जैसे अन्य शहरों में निपाह वायरस फैलने के डर से गुरुवार रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वास्थ्य सेवा कर्मियों और आम लोगों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी की गई एडवाइजरी में बताया गया है कि यह वायरस कैसे फैलता है, इसके क्या लक्षण होते हैं और इससे खुद को कैसे सुरक्षित रखा जाए।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि, आम जनता ताड़ी, पहले से जमीन में पड़े हुए फलों का प्रयोग ना करें और कुंओं का पानी ना पीयें, केवल ताजा फलों का सेवन करें। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि, इस वायरस के द्वारा मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार सरकारी परामर्श के द्वारा करें, इसके साथ ही इस भावुक क्षण समय में इस वायरस को परिवार के अन्य लोगों फैलने के बचाव के लिए विधि-विधान में परिवर्तन करना चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्रालय कहा, कुत्तों, सूअर, चमाकादड़ और घोड़ों जैसे जावनरों में फैलने वाला यह वायरस जानवरों से मनुष्यों में भी फैल सकता है। इसके फैलने से आप गंभीर बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं। इसके साथ ही चमकादड़ और उसके मल से दूषित भोजन का प्रयोग न करें। वहीं चमकादड़ द्वारा खुतरे फलों का सेवन ना करने की भी सलाह दी है। एडवाइजरी के अनुसार हॉस्पीटल में पहले से निपाह वायरस के रोगी के संपर्क में आने से भी यह बीमारी फैलती है। लिहाजा आपको सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करना चाहिए।

इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वास्थ्य कर्मियों के लिए एडवाइजरी में कहा है कि, उनको बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद 20 सकेंड तक साबुन से हाथ धोने चाहिए। वहीं रोगियों के लिए इंजेक्शन और धारदार उपकरणों का कम से कम इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

हिमाचल प्रदेश में चमगादड़ों की मौत के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि, ‘मृत चमगादड़ों के सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए हैं, जिससे उनकी मौत की वजह पता चल सके। लैब की जांच आने से पहले यह नहीं कहा जा सकता कि निपाह वायरस से चमगादड़ों की मौत हुई है।’

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