Loading...
लाइफस्टाइल

बाल सुलझाते हुए कंघी का गिर जाना करता है इस बात का संकेत

बाल सुलझाते हुए कंघी का गिर जाना करता है इस बात का संकेत

महिलाओं के बालों से जुड़ी कई प्रकार की मान्यताएं हैं जिनमें बाल ना खोलना, बाल बांध कर रखना आदि जैसी प्रचलित चीजें हैं। कुछ तो इतनी अजीब हैं कि एक बार के लिए आपको लगता है कि क्या ऐसा संभव है…

यहां हम ऐसी की कुछ मान्यताओं की चर्चा कर रहे हैं। किसी की नजर में यह अंधविशावस है, तो कुछ इन्हें शास्त्रीय नियम मानकर चलते हैं। यहां इनका उल्लेख करने से हमारा उद्येशय इनकी प्रासंगिकताओं पर चर्चा करना या किसी भी प्रकार से अंधविश्वास को बढ़ावा देना बिल्कुल नहीं है, लेकिन बस एक समान्य सोच में इन मान्यताओं की चर्चा की गई है…

महिला होते हुए शायद आपने भी लाइफ में कभी ना कभी अपनी दादी-नानी या मम्मी से मेंसुरेशन के पहले दिन बाल नहीं धोने की नसीहत सुनी होगी, हो सकता है कि कभी ऐसा करने पर डांट भी खाई हो… और हो सकता है कि अब आप भी अपनी बेटियों को यही सलाह देती हों… कारण आपको भी शायद पता ना हो सिवा कि यह अशुभ होता है। यकीन मानिए इसके पीछे के शास्त्रीय कारण जानकर भी आप चौंकेंगी।

ऐसी मान्यता है कि मेंसुरेशन या मासिक धर्म के पहले दिन बाल धोने से महिलाएं पागल हो सकती हैं। इसके अलावा इन दिनों रात में बाल धोने से भी मना किया जाता है। माना जाता है कि इससे बहुत अधिक रक्तस्राव हो सकता है जिससे कमजोरी आ सकती है और औरतें गंभीर रूप से बीमार पड़ सकती हैं।

हालांकि शास्त्रीय मतों से अलग ऐसा नहीं करने को लेकर कुछ वैज्ञानिक आधार भी हैं जिसके अनुसार इस समय महिलाओं को ठंड से बचना चाहिए, वरना यह उनके यूट्रस को नुकसान पहुंचाता है और आगे चलकर उन्हें गर्भधारण करने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

एक अन्य शास्त्रीय मान्यता के अनुसार बाल सुलझाते हुए अगर कंघी गिर जाए, तो यह किसी अनिष्ट की सूचना है। इसके वैज्ञानिक आधारों पर सोचें तो बार-बार ऐसा होना आपके हाथों की पकड़ कमजोर होने की पूर्व सूचना हो सकती है जो आपके शरीर की आंतरिक कमजोरी या किसी स्वास्थ्य परेशानी का संकेत भी हो सकता है।

महिलाओं के लिए उनके लंबे और खूबसूरत बाल टूटना जितनी बड़ी परेशानी उनके लिए होती है, उतनी ही अधिक परेशानी यह परिवार वालों के लिए लाने वाली मानी जाती है। लंबे बाल जब टूटते हैं तो गुच्छों का रूप ले लेते हैं। ऐसी मान्यता है कि अगर टूटे हुए बालों के गुच्छे घर में इधर-उधर बिखरे हों तो यह परिवार में कलह पैद करता है।

वैज्ञानिक तथ्यों पर जाएं तो हो सकता है यह आपके मनोविज्ञान से जुड़ा हो। बालों के बिखरे हुए गुच्छे घर को गंदा दिखाते हैं जो आपके मस्तिष्क अशांत करता है। इस प्रकार संभव है वहां रहने वालों के व्यवहार में हिंसा तथा क्रोध लाए जो कलह का कारण बन सकता है।

एक और जो अजीबोगरीब बात इनके बालों के टूटने से जुड़ी है, वो यह कि कभी भी टूटे हुए बालों को खुले में नहीं फेंकना चाहिए। महिलाएं दिल से कमजोर और भावुक होती हैं, कहते हैं कि ये अगर गलत हाथों में पड़ जाएं, तो उन बालों के माध्यम से उस महिला को वशीकृत किया जा सकता है।

एक मान्यता के अनुसार पूर्णिमा की रात में महिलाओं को खिड़की के पास खड़े होकर बाल कंघी नहीं करने चाहिए और यहां तक कि खोलकर भी वहां खड़ा नहीं होना चाहिए। खूबसूरत और लंबे बालों वाली महिलाओं को विशेषकर ऐसा करने से मना किया जाता है।

कहते हैं कि पूरी चंद्रमा की रात्रि में भूत, चुड़ैल तथा सभी प्रकार की शैतानी शक्तियां अपने चरम पर होती हैं और जो भी चीज उन्हें लुभाती है उसे वश में करना चाहते हैं। खुले हुए खूबसूरत लंबे बाल उन्हें आकर्षित करते हैं। क्योंकि कमजोर दिल होने के कारण महिलाओं पर काबू पाना उनके लिए आसान होता है….

इसलिए ऐसी रातों में महिलाओं का खुले बालों के साथ खिड़की पर खड़ा होना उसपर भूतों और चुडैलों का साया लाने वाला माना जाता है। इसी मकसद से हर दिन सूर्यास्त के बाद भी बालों को कंघी करने या बालों को खुला रखने से महिलाओं को मना किया जाता है। खासकर लंबे बालों वाली महिलाओं को बालों की चोटी बनाकर रखने की सलाह दी जाती है।

इसी प्रकार एक और मान्यता है कि पूजा के समय महिलाओं को अपनी बाल कभी भी खुले नहीं रखने चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से घर के सभी सदस्यों के लिए दुर्भाग्य आता है।

Lost Password

Register