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शादी के बाद अगर कर लिए ये काम तो कभी नहीं होगी पैसों की किल्लत

शादी के बाद अगर कर लिए ये काम तो कभी नहीं होगी पैसों की किल्लत

आज कल देखा जा रहा है कि अधिकतर युवाओं के अंदर शादी को लेकर एक अलग तरह की असमंजस की स्थिती देखने को मिलती है. कहीं ना कहीं युवा जानते हैं कि शादी के बाद दोनों के ऊपर एक बड़ी जिम्मेदारी आने वाली है, चाहे वो परिवार को लेकर हो या फिर आर्थिक रूप की जिम्मेदारी. ये सच हैं कि शादी के बाद ज़िंदगी में काफी बदलाव आते हैं आपके ऊपर जिम्मेदारी बढ़ जाती है. लेकिन ये बदलाव कहीं ना कहीं आपको जीवन की प्रत्येक चीज को लेकर जिम्मेदार भी बनाते हैं. रही बात शादी के बाद बढ़ने वाली आर्थिक जिमेमदारी की जिसको लेकर युवाओं के अंदर घबराहट देखने को मिल जाती हैं. लेकिन अगर आप अपनी शादी से सिर्फ इसलिए पीछे हट रहे हैं कि आपको लगता है आप आर्थिक रूप से आने वाली नई जिमेमदारी को नहीं संभाल पाएंगे तो आपको परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है. आज हम आपको यहां कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिसके बाद बेधड़क होकर शादी को हामी भर सकते हैं और एक बेहतर शादी-शुदा भविष्य का निर्माण कर सकते हैं-

बचत और निवेश हैं अचूक मंत्र: शादी के बाद किसी भी तरह की बीमारी, दुर्घटना या अन्य अवांछित घटनाओं का पहले की तुलना में अधिक असर पड़ता है. इनसे निपटने के लिए पति-पत्नी दोनों के लिए जरूरी है कि खर्च, बचत और निवेश के प्रति अपनी जागरूकता लगातार बढ़ाएं.

लक्ष्यों और वित्‍तीय क्षमता पर मिलकर चर्चा: बचत और निवेश के बारे में व्यावहारिक निर्णय लेना बेहद जरूरी होता है. अपनी कमाई, बचत करने की क्षमता व संभावनाओं से लेकर जरूरतों पर आपस में खुलकर चर्चा करें. इससे आप तय लक्ष्यों को बेहतर तरीके से हासिल कर पाएंगे. अव्यावहारिक लक्ष्य बनाकर आप समय और पूंजी दोनों का न तो अच्छा उपयोग कर पाएंगे, न ही सफलता की संभावना रह जाएगी.

अकाउंट्स का इस्तेमाल: शादी के बाद यदि आप दोनों कमाते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि सभी खर्च किसी भी एक अकाउंट से करने की बजाए खर्च बांट लें. इससे आपको होम लोन, ईएमआई आदि में कई तरह के टैक्स संबंधी लाभ भी मिल सकते हैं.

पार्टनर का फाइनेंशियल रिकॉर्ड जानना है जरूरी: शादी के बाद यदि आप दोनों मिलकर किसी लोन के लिए आवेदन करते हैं तो यह जानना बेहद जरूरी है कि अपने पार्टनर का फाइनेंशियल रिकॉर्ड क्‍या है. लोन लेते समय दोनों का क्रेडिट स्कोर बेहद मायने रखता है. इससे लोन के अमाउंट और ब्याज दरों पर काफी असर पड़ता है. ऐसे में दोनों के क्रेडिट स्कोर को देखकर उसके अनुसार ही कोई निर्णय लें. बाकी वैसे भी दोनों के फाइनेंस की तस्‍वीर एक-दूसरे के पास साफ होनी चाहिए.

एक इमरजेंसी फंड बनाएं: शादी के तुरंत बाद पति-पत्‍नी को मिलकर एक इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए. इसे अपनी प्राथमिकता में टॉप पर रखना चाहिए, क्‍योंकि इससे संकट से जूझने की आपकी ताकत बढ़ जाती है. इससे जॉब जाने, बीमार पड़ने, प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति में आप खुद को बेहतर स्थिति में पाएंगे.

एक-दूसरे पर यकीन: पति-पत्‍नी को एक-दूसरे पर यकीन करना चाहिए. इससे न सिर्फ तरक्‍की करने में उन्‍हें मदद मिलेगी, बल्कि वे एक-दूसरे से काफी कुछ सीख भी सकेंगे.

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