Loading...
खेल

सहवाग को मिली नई जिम्मेदारी, इस पैनल के सदस्य के तौर पर हुये शामिल

सहवाग को मिली नई जिम्मेदारी, इस पैनल के सदस्य के तौर पर हुये शामिल

टीम इंडिया के दिग्गज सलामी बल्लेबाज रहे वीरेंद्र सहवाग को नई जिम्मेदारी मिली है। उन्हें नाडा के एंटी डोपिंग अपील पैनल (एडीएपी) का सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा दिल्ली के पूर्व क्रिकेटर विनय लांबा को भी इस पैनल का सदस्य बनाया गया है। आमतौर पर ऐसी पैनलों में क्रिकेटरों को शामिल नहीं किया जाता है, लेकिन ये अपनी तरह का एक अलग मामला है।

विनय लांबा ने 1967 से 1981 के बीच दिल्ली के लिये 76 प्रथम श्रेणी मैच खेला है। वो सेवानिवृत्त न्यायाधीश आरवी ईश्वर की अगुआई वाली 6 सदस्यीय समिति में शामिल हैं। उनके अलावा समिति के अन्य सदस्यों में वरिष्ठ वकील विभा दत्ता मखीजा, डॉ. नवीन डांग और हर्ष महाजन शामिल हैं। हालांकि इस समिति में सहवाग को शामिल नहीं किया गया है।

वहीं नाडा के एंटी डोपिंग डिसिप्लिनरी पैनल यानि एडीडीपी के सदस्यों की भी नियुक्ति हुई। सदस्यों में कई खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिसमें कुंजरानी देवी (वेटलिफ्टिंग), अखिल कुमार (मुक्केबाजी), रीत अब्राहम (एथलेटिक्स), जगबीर सिंह (हॉकी) और रोहित राजपाल (टेनिस) शामिल हैं। हालांकि कुंजरानी देवी को 2001 में डोपिंग के मामले में पकड़ा गया था, जिसके बाद उन्हें 6 महीने के लिये प्रतिबंधित कर दिया गया था।

इसके अलावा सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह को एडीडीपी का प्रमुख बनाया गया है। इसके अन्य सदस्यों में डॉ. अंकित शर्मा, डॉ. चेंगप्पा, बीना गुप्ता (वकील), मानिक डोगरा (वकील), नलिन कोहली (वकील), सुरभि मेहता (वकील) और विनोद डोगरा शामिल हैं।

बता दें कि डोपिंग मामले की सुनवाई पहले एडीडीपी यानि एंटी डोपिंग डिसिप्लिनरी पैनल करती है और उसके बाद मामला एडीएपी यानि एंटी डोपिंग अपील पैनल के हवाले कर दिया जाता है।

डोप टेस्ट के मुद्दे पर हाल ही में बीसीसीआई और नाडा के बीच ठन गई थी। दरअसल नाडा चाहता था कि विराट कोहली समेत अन्य क्रिकेटर्स भी उनके दायरे में आएं, लेकिन बीसीसीआई इसके लिये बिल्कुल भी तैयार नहीं था। इस मामले में बीसीसीआई के सीनियर अधिकारी नाडा के लगातार दबाव से निबटने के लिये जल्द ही रणनीति बनाएंगे।

 

 

 

[घर बैठे रोज़गार पाने के लिए Like करें हमारा Facebook Page और मेसेज करें JOB]

Lost Password

Register