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सिर्फ धर्म ही नहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी है लाभप्रद, धरती मां को प्रणाम करना

सिर्फ धर्म ही नहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी है लाभप्रद, धरती मां को प्रणाम करना

धर्म के समाचार

 

भारत संस्कृति सभ्यता का देश है। उसी नाते घर के बड़े अपने बच्चों को कुछ न कुछ अच्छा ही सिखाना चाहते हैं। यह सभी संस्कार कहीं न कहीं हमारी माटी से जुड़े हुए हैं। यह सभी हमारी भलाई और हमारी तरक्की के लिए ही होते हैं।

 

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हमारे बड़े हमें सुबह उठकर धरती को प्रणाम करना सिखाकर गए हैं। हमारे धर्म में सुबह उठकर धरती को प्रणाम करने की सलाह इसलिए दी जाती है क्योंकि धरती हमारी पालनकर्ता है। हम सुबह से ही धरती मां को कष्ट देना शुरू कर देते हैं। हम धरती मां को प्रणाम करके उनके प्रति आभार व्यक्त कर सौभाग्य पा सकते हैं। आखिर इसके पीछे क्या महत्व औऱ उद्देश्य है?

कहते हैं कि धरती दिनभर हमारा भार सहन करती है। इसलिए धरती को सुबह उठकर ही प्रणाम करना चाहिए। ऐसा करने से हमारा हमारे देश के प्रति प्यार बढ़ता है साथ ही धरती मां को हम अपना लगाव दिखा सकते हैं। हमें अपनी भूमि और देश के प्रति जिम्मेदारी का अहसास होता है।

 

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सुबह उठकर सबसे पहले बैठे-बैठे धरती को अपने हाथ से स्पर्श करें, और दिनभर धरती पर चलने के लिए उनसे क्षमा मागें। सुबह बैठकर जब आप धरती को प्रणाम करते हैं तो आपका पूरा शरीर झुकता है। जिस वजह से शरीर की हड्डी और जोड़ों की अकड़न पूरी तरह दूर हो जाती है। और आप पूरे दिन एक अच्छी ऊर्जा का एहसास करते है। सिर्फ धर्म ही नही बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी सुबह उठकर धरती मां को प्रणाम करना लाभप्रद होता है।

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