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सोशल मीडिया पर कुंवारे बन कर फ्लर्ट करने वालों ख़बरदार, पढ़ सकता है महंगा

सोशल मीडिया पर कुंवारे बन कर फ्लर्ट करने वालों ख़बरदार, पढ़ सकता है महंगा

Beware if you flirt on social media with women

देशभर में कई मामले दिन पर दिन सामने आ रहे है, जिसमें अपनी वैवाहिक जीवन साथी की सही जानकारी छुपाकर, नई महिला मित्रो के साथ यौन शोषण करने के मामले आते है, उब वैवाहिक जीवन साथी जानकारी नही बताने वाले सावधान हो जाये। पीड़िता को अब नही बोल सकेंगे बाहर वाली उसे भी घरवाली के रूप भरण,पोषण,निवास आदि एवं प्रताड़ना से संरक्षण के लिए कानूनन केस दर्ज कराने का अधिकार हैं।

पीड़ित महिलाओ का दैहिक शोषण, दमन कर बाहर वाली-सौतन बोलकर दुष्प्रचारित करने वाले कतिपिय विवाहित पुरुष,अब नही बोल सकेंगे। पीड़िता को बाहर वाली,बाहर वाली भी कानून, घरवाली के रूप में केस दर्ज करा सकती है।जिला कोर्ट इंदौर की जज साक्षी कपूरजी ने पीड़िता के अधीवक्तागण कृष्ण कुमार कुन्हारे एवं काशु महंत के माध्यम से प्रस्तूत याचिका पर महिला एवं बाल अधिकारी की जांच रिपोर्ट पर संज्ञान लेते विपक्षीगण को प्रथम दृष्टया सासुरलजन मानते हुए ससुरालजनों के विरुद्ध घरेलू हिंसाओं से महिलाओ को संरक्षण अधिनियम में केस दर्ज किया।

इंदौर की कंचन बाग निवासी पीड़िता सपना (परिवर्तित नाम) से भरत सिंह धाकड़ निवासी श्री कृष्ण एवेन्यू लिम्बोदी इंदौर ने सोशल मीडिया फेसबुक पर जान पहचान कर दोस्ती करी, और भरत ने उसकी पत्नी रेखा धाकड़ की पूर्व में मौत होना बताकर पीड़िता से शादी करने का कहते हुए, भरत ने पीड़िता को अपने जमानिया खुर्द फार्महाउस पर लेजाकर पीड़ित का यौन शोषण करने शुरू कर दिया और पीड़िता के द्वारा भरत से शादी करने का कहने पर गुपचुप तरीके से मंदिर में लेजाकर शादी कर ली और उसके बाद से ही पीड़िता को समाज के सामने बाद में अपनाने का कहते हुए पीड़िता को गुपचुप तरीके से साथ रख शोषण करता रहा।

इसी दौरान भरत को किसी महिला से फोन पर बात करते हुए पकड़ा तो पीड़ित को पता चला कि भरत की पत्नी रेखा धाकड़ मरी नही बल्कि जिंदा है और भरत के साथ ही अन्य जगह रहती है,जिसके बाद पीड़िता ने भरत को ससुरालजनों व समाज के सामने खुल कर साथ रख अपनाने की बात रखने पर भरत ने इनकार कर दिया जिसके थाना खुड़ैल ने पीडिता की रिपोर्ट दर्ज कर भरत को गिरफ्तार कर,कोर्ट ने भरत को जेल भेज दिया।

जिसके बाद भरत के पिता दिलीप सिंह ठाकुर ने पीड़िता को दूसरी बहु के रूप में मानते हुए और पूर्व पत्नी रेखा धाकड़ ने पीड़ित को भरत के साथ रखने के रूप में आपत्ति ना होने की लिखा पड़ी कर,पीड़िता से कोर्ट केस में राजीनामा लेने के बाद भरत के साथ पीड़िता को रखने का हवाला दिया जिस पर पीड़िता की आंखों ने भरत के साथ रहने के सपने संजोते हुए केस में राजीनामा लेते हुए कोर्ट केस का निराकरण करवा लिया।

किन्तु भरत के जेल से बाहर आने के बाद से ही भरत और उसके पिता दिलीप सिंग ने पीड़िता से दूरी बनाते हुए पीड़िता को बहु के रूप में अपनाने से मना कर दिया,और पीड़िता के भरत के साथ पूर्व ने रहने,घूमने,फिरने,खाने,पीने के फोटो से,बाहर वाली नामक औरत के रूप में दुष्पचारित कर पीड़ित को बदनाम करना शुरू कर दिया।

जिसके बाद पीड़िता ने अपने अधीवक्तागण कृष्ण कुमार कुन्हारे एवं काशु महंत, ईश्वर कुमार प्रजापति के माध्यम से जिला कोर्ट इंदौर की शरण लेते हुए दिनांक 25 जुलाई 2018 को घरेलू हिंसावो से महिलाओ का संरक्षण अधिनियम में याचिका प्रस्तूत करी, जिस पर श्रीमान न्याययिक दंडाधिकारी महोंदय, साक्षी कपूरजी ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी से जांच कर रिपोर्ट तलब करी, जिसके बाद महिला एवं बाल विकास अधिकारी की अपनी जांच में पीड़िता के साथ,शारारिक,मानसिक घरेलू हिंसा और उत्पीड़न होना पाया और जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करी.

जिस पर जज साहिबा साक्षी कपूरजी ने ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी की जांच रिपोर्ट पर और पीड़िता के अधिवक्ता श्री कुन्हारे के तर्कों को सुनने के बाद पति भरत ससुर दिलीप सिंह के विरुद्ध घरेलू हिंसावो से महिलाओ को संरक्षण अधिनियम की धारा 12 के अंतर्गत केस दर्ज करने के पर्याप्त आधार होने की टिप्पणी के साथ ससुरालजनों विरुद्ध केस दर्ज करने के आदेश देते हुए नोटिस जारी कर ससुरालजनों को दिनांक 10 सितंबर 2018 को कोर्ट में तलब किया।उधर कुटुम्ब न्यायालय इंदौर ने भी पीड़िता के द्वारा पत्नी के रूप में लगाये गए भरण पोषण के आवेदन पर पति के रूप भरत के विरुद्ध भरण पोषण का प्रकरण दर्ज कर भरत को नोटिस जारी जारी कर तलब किया…

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