Loading...
दुनिया / मुख्य खबर

6 साल बाद वापस ‘घर’ लौटीं मलाला

6 साल बाद वापस ‘घर’ लौटीं मलाला

साल 2012 में हुए तालिबानी हमले में घायल हुईं मलाला यूसुफजई वापस अपने घर पाकिस्तान लौट आई हैं। बुधवार की देर रात उनका विमान पाकिस्तान के बेनजीर भुट्टो इंटरनेशनल एयरपोर्ट उतरा। यूसुफजई को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। करीब 6 साल पहले 2012 में पाकिस्तान में तालिबानी आतंकियों ने मलाला को गोलियों से छलनी कर दिया था, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए विदेश भेजा गया था और तब से वो इंग्लैंड में रह रही थीं।

जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खक्कान अब्बासी और आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ पाकिस्तान के कई नामी-गिरामी लोग भी मलाला से मिलेंगे। मलाला के पाकिस्तान लौटने पर मलाला फंड के सीईओ ने ‘मीट द मलाला’ कार्यक्रम का आयोजन किया है, जिसमें मलाला यूसुफजई अपने परिवार के साथ शिरकत करेंगी।

गौरतलब है कि पाकिस्तान की स्वात घाटी में पैदा हुईं मलाला उस वक्त अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आईं, जब लड़कियों की शिक्षा के अधिकार के लिए लड़ते हुए 9 अक्टूबर 2012 को तालिबानी आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी थी। उन्होंने तालिबान द्वारा महिलाओं की शिक्षा पर लगाए गए प्रतिबंध का विरोध किया था। आतंकियों ने उनके सिर में गोली मारी थी, जिसके बाद मलाला को पेशावर के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं होता देख उन्हें इलाज के लिए लंदन भेज दिया गया था। तब से लेकर मलाला लंदन में ही रह रही हैं।

युसूफजई को साल 2014 में शांति का नोबेल पुरस्कार मिला था। ये पुरस्कार उन्हें बाल अधिकारों और उनके संरक्षण के लिए काम करने वाले भारत के कैलाश सत्यार्थी के साथ मिला था। नोबेल पुरस्कार जीतने वाली मलाला सबसे कम उम्र की महिला हैं। जिस वक्त मलाला को नोबल पुरस्कार से नवाजा गया था, तब उनकी उम्र महज 17 साल थी। फिलहाल मलाला युसुफजई ने ऑक्सफोर्ड में दाखिला लिया है, यहां वो दर्शन, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई कर रही हैं।

Lost Password

Register