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AMU के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में मरीज के साथ की गई एक अजीब हरकत

AMU के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में मरीज के साथ की गई एक अजीब हरकत

एएमयू के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एक अजीब घटना समाने आई जब ऐक्सिडेंट में घायल दो मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनके हाथ पैर को बिस्तर के साथ बांध दिया गया। बताया जा रहा है कि उस वक्त अस्पताल में स्टाफ भी नहीं थे।

इस मामले में अस्पताल के चीफ मेडिकल ऑफिसर एसएएच जैदी ने सफाई देते हुए कहा कि मरीज के बिस्तरों के किनारे में साइड-गार्ड नहीं है जिस वजह से मरीज बिस्तर से गिर सकते है साथ ही हड़ताल की वजह से अस्पताल में स्टाफ की कमी है। इस वजह से मरीजों को बिस्तर से बांधा गया। इस दौरान मरीज के परिजन भी वहां मौजूद थे।

गौरतलब है कि एएमयू में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में बुधवार को विश्वविद्दालय की स्टूडेंट यूनियन और डॉक्टरों के बीच हाथापाई हुई थी। जिसे लेकर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर गुरुवार से हड़ताल पर है। इस मामले में आरोपी छात्र जैद शेरवानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। डॉक्टरों आरोपी को विश्वविद्दालय से बाहर करने की मांग पर अड़े है।

इस वजह से 700 रजिडेंट डॉक्टर और ट्रेनर हड़ताल पर है। मरीजों के इलाज के लिए केवल सीनियर डॉक्टर्स ही मौजूद है इसलिए अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों को दिक्कत हो रही है।

इससे पहले भी अस्पतालों में इस तरीके की घटना सामने आई है जब उत्तर प्रदेश के झांसी से एक ऐसी शर्मनाक घटना सामने आई थी जब दुर्घटना के शिकार एक बस क्लीनर के पैर को काटने की नौबत आ गई लेकिन हद तो तब हो गई जब डॉक्टरों ने पीड़ित की कटी हुई टांग को डॉक्टरों ने मरीज का तकिया बना दिया था।

इस घटना झांसी की लहचूरा थाना क्षेत्र की है जहां एक गांव इटायल से स्कूल बस मऊरानीपुर की ओर जा रही थी, रास्ते में बच्चों से भरी स्कूल बस, एक ट्रैक्टर को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित होकर पलतट गई। इस हादसे में आधे दर्जन से अधिक बच्चे और बस का क्लीनर घायल हो गया। बस के क्लीनर को स्थानीय झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों को उसका पैर काटना पड़ा। डॉक्टरों ने मरीज के बांये पैर को काट दिया, लेकिन इंतेहा तब हो गई जब डॉक्टरों ने मरीज के कटे हुए पैर को ही इसका तकिया बना दिया।

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