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भक्ति

बंपर नौकरियां 10वीं पास के लिए निकली पोस्टल सर्कल पदों पर भर्ती

पोस्टल सर्कल डिपार्टमेंट(Maharashtra Post Office) ने ग्रामीण डाक सेवक के पद पर भर्तियां निकाली हैं. इच्छुक आवेदक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. पद और योग्यता से जुड़ी अन्य जानकारी नीचे दी गई है. पदों की संख्या- 284 उम्र सीमा- इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार की उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए. उम्र में छुट आरक्षित वर्ग को ही सरकार के नियमों के तहत दिया जाएगा. इतनी होनी चाहिए योग्यता: आवेदन करने वाले उम्मीदवार का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है. इस आधार पर होगा चयन:  उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने के लिए ऑटोमेटिक रूप से तैयार किए गए मेरिट लिस्ट की मदद ली जाएगा. उम्मीदवार विभाग की वेबसाइट पर जाकर भी सेलेक्शन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से पढ़ सकते हैं. इतना देना होगा आवेदन शुल्क : एससी व एसटी वर्ग के छात्रों को कोई आवेदन शुल्क नहीं देना होगा, जबकि सामान्य और...

निकली कई पदों पर वैकेंसी मध्य प्रदेश लोक सेवा में

आवेदन करने से पहले सही जानकरी पढ़ ले उम्मीदवार अपनी योग्यता और इच्छा से इनके लिए आवेदन कर सकते है। MPPSC में सहायक वन सरंक्षक और वन क्षेत्रपाल पद के लिए वैकेंसी निकली है।  पदों का नाम : सहायक वन सरंक्षक वन क्षेत्रपाल कुल पद : 106 आयु सीमा : 21 से 28 वर्ष अंतिम तिथि : 08 जनवरी, 2018  शैक्षणिक योग्यताः  विज्ञान अथवा इंजीनियरिंग में स्नातक/ विज्ञान/ इंजीनियरिंग/ कृषि/ वानिकी में स्नातक (पदानुसार) इच्छुक उम्मीदवार इस लिंक पर क्लिक करके बा की जानकारी जाने   [घर बैठे रोज़गार पाने के लिए Like करें हमारा Facebook Page और मेसेज करें JOB]

Rs.18,545 रुपये, 10वीं पास के लिए इंडियन बैंक में जॉब्स, जल्द करें आवेदन

आवेदन करने से पहले सही जानकरी पढ़ ले उम्मीदवार अपनी योग्यता और इच्छा से इनके लिए आवेदन कर सकते है। Indian Bank ने Security Guard cum Peon के पदों  लिए भर्ती निकाली है. पदों के नाम सिक्योरिटी गार्ड, चपरासी पदों की संख्या कुल संख्या 64 है   योग्यता उम्मीदवार ने किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से 10वीं कक्षा पास की हो. उम्र सीमा न्यूनतम आयु 18 साल और अधिकतम आयु 26 साल होनी चाहिए. सैलरी Rs.9,560 से  18,545 रुपये जॉब लोकेशन : ऑल इंडिया अंतिम तिथि : 30 दिसंबर 2017 आवेदन कैसे करें: उम्मीदवार इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी नीचे दिए गए लिंक से देखें. offical website : click to link 

हनुमान ब्रह्मचारी नहीं, शादीशुदा थे

हनुमान जी को कलयुग का स्वामी कहा जाता है, क्योंकि हनुमान जी आज भी धरती पर निवास करते हैं और कलयुग के अंत तक हनुमान जी अपने शरीर में ही रहेंगे। चारों जुग परताप तुम्हारा । है परसिद्ध जगत उजियारा ॥ आप सभी ये जानते हैं कि हनुमान जी अविवाहित और ब्रह्मचारी हैं, लेकिन भारत में एक जगह ऐसी भी है, जहां पर हनुमान को विवाहित माना जाता है। साथ ही इस स्थान पर भगवान हनुमान को उनकी पत्नी के साथ पूजा जाता है। इस मंदिर में हनुमान जी अपनी पत्नी के साथ विराजमान हैं…इसलिए कुछ मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथ पाराशर संहिता में मिले उल्लेख के कारण उन्हें विवाहित माना जाता है। इस जगह प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, भगवान हनुमान की पत्नी का नाम सुवर्चला है और वह भगवान सूर्य की पुत्री हैं। कहां है हनुमान जी का मंदिर तेलंगाना के खम्मम जिला में एक प्राचीन मंदिर है। यहां भगवान हनुमान सुवर्चना के साथ विराजित हैं और उन्हीं के सा...

इस वजह से दो टुकड़ों में पैदा हुआ था जरासंध

द्वापर युग के शक्तिशाली शासकों में जरासंध का नाम भी गिना जाता है। वो मगध (आधुनिक बिहार) का राजा और मथुरा नरेश कंस का ससुर था। जरासंध भगवान शंकर का परम भक्त था। उसने बलि देने के लिए 16000 राजाओं को बंदी बना रखा था। उसकी इच्छा उन राजाओं की बलि देकर अमर हो जाने की थी। जरासंध के कारनामे जितने आश्चर्यजनक हैं, उससे कही ज्यादा दिलचस्प उसके जन्म की कहानी है। दरअसल, जरासंध के पिता और मगध नरेश बृहद्रथ को कोई संतान नहीं हो रही थी। संतान की लालसा में उन्होंने दूसरी शादी भी की, लेकिन संतान का सुख नहीं प्राप्त कर सकें। थक-हार कर बृहद्रथ ऋषि चण्डकौशिक की शरण में गए और उनकी खूब सेवा की। ऋषिवर प्रसन्न हुए और उन्होंने राजा को एक फल देकर कहा कि इसे अपनी धर्मपत्नी को खिला देना, तुम्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हो जाएगी। बृहद्रथ चले गए और महल पहुंचकर वो फल अपनी दोनों रानियों को आधा-आधा खिला दिया। नौ महीने के उपर...

आज का महापर्व-छठ

[घर बैठे रोज़गार पाने के लिए Like करें हमारा Facebook Page और मेसेज करें JOB] छठ पूजा एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है जिसे मुख्य रूप से बिहार और नेपाल के कुछ क्षेत्रों में मनाया जाता है। पूजा सूर्य देवता और उसकी पत्नी उषा की पूजा करने के लिए समर्पित है। इस अवसर के दौरान, भक्त पृथ्वी पर जीवन का समर्थन करने के लिए ईश्वर का शुक्रिया अदा करने और दिव्य जोड़े के आशीर्वाद की तलाश में पूजा करते हैं। हालांकि, छठ – मुख्य दिन – पहले दिन नहीं है, लेकिन पूजा का तीसरा दिन है और इस वर्ष इसे 26 अक्टूबर को मनाया जाएगा। (यह भी पढ़ें: छठ पूजा कैसे मनाई गई है?) हिंदू धर्म के अनुसार, सूर्य को कई गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों को ठीक करने और दीर्घायु, समृद्धि, प्रगति और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए माना जाता है। लोग चार दिनों तक चलने वाली कठोर दिनचर्या का पालन करके त्योहार मनाते हैं अनुष्ठानों में शामिल ह...

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