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T-20: इन दो पूर्व खिलाड़ियों ने दी धोनी को संन्यास की सलाह

T-20: इन दो पूर्व खिलाड़ियों ने दी धोनी को संन्यास की सलाह

राजकोट में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत के पीछे एमएस धोनी की धीमी बल्लेबाजी को माना जा रहा है। जिसको लेकर धोनी की काफी आलोचना हो रही है। उनके फैंस और भारत के कई पूर्व खिलाड़ी उनकी धीमी बल्लेबाजी को लेकर काफी आलोचना कर रहे हैं। टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी वीवीएस लक्ष्मण और अजित आगरकर ने भी धोनी की बल्लेबाजी की आलोचना की है। साथ ही उन्होंने धोनी को टी-20 से संन्यास लेने के लिए इशारा कर दिया है। इन दोनों पूर्व खिलाड़ियों का कहना है कि भारत को टी-20 में अब धोनी के विकल्प की तलाश कर लेनी चाहिए। उनके विकल्प अजमाने शुरू कर देना चाहिए।

आपको बता दें कि राजकोट में खेले गए सीरीज के दूसरे टी-20 मैच में 197 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवर में 156 रन ही बना सकी। भारत को इस मुकाबले में 40 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। इस मैच में भारत की बेहद खराब शुरुआत रही थी। एक समय विराट कोहली और धोनी क्रीज पर थे। ऐसा लग रहा था। कि अब शायद भारत की पारी संभल जाएगी। इस समय भारत को जीत के लिए 200 के स्ट्राइक रेट से रनों की जरूरत थी। एक छोर पर विराट कोहली आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे थे। लेकिन दूसरे छोर पर धोनी बहुत धीमी बल्लेबाजी कर रहे थे। वह 18 गेंद पर 16 रन बनाकर खेल रहे थे। वहीं कोहली अर्धशतक लगाकर बल्लेबाजी कर रहे थे। जिससे भारत मैच में काफी दूर चला गया। हालांकि बाद में धोनी ने कुछ बड़े शॉट खेले। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

मैच के बाद वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि धोनी चार नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए आते हैं। वह क्रीज पर जमने के लिए समय लेते है। जिसके बाद वह अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राजकोट में जब कोहली 160 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर रहे थे। उस समय धोनी 80  के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर रहे थे।

लक्ष्मण ने कहा कि समय आ गया है कि टी-20 में धोनी किसी युवा खिलाड़ी के लिए स्थान खाली कर दें। साथ ही उन्होंने कहा कि वनडे में धोनी टीम के महत्वपूर्ण सदस्य है। वनडे में उन्हें अपना खेल जारी रखना चाहिए।

लक्ष्मण की इस राय में पूर्व तेज गेंदबाज अजित आगरकर ने भी सहमति जताई है। आगरकर ने कहा कि भारत को अब धोनी के विकल्प तलाशने शुरू कर देने चाहिए। उन्होंने कहा कि धोनी अपनी बल्लेबाजी से खुश हो सकते हैं। लेकिन यह टीम के लिए पर्याप्त नहीं है। पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा कि धोनी जब कप्तान थे तब कुछ और बात थी। लेकिन अब वह एक बल्लेबाज के तौर पर टीम के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि राजकोट टी-20 में आप तभी जीत सकते थे। जब धोनी आते ही आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर देते। वे पहले सेट होने में समय लेते हैं. उसके बाद तेज बैटिंग करते हैं। लेकिन टी-20 में बल्लेबाज के पास इतना समय नहीं होता कि वह सेट होने के लिए समय ले। यहां उसको आते ही बड़े शॉट खेलने होते हैं।

 

 

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